Dharm Desk – कार्तिक मास में पूजा-पाठ, स्नान, दान और दीपदान का विशेष महत्व होता है। इस महीने में करवा चौथ से लेकर दीपावली, गोवर्धन पूजा, छठ महापर्व और देव दिवाली तक कई प्रमुख व्रत-त्योहार मनाए जाएंगे। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना के साथ तुलसी पूजन तथा शाम के समय दीप जलाने की परंपरा भी इस महीने से जुड़ी है। कार्तिक मास की शुरुआत 27 अक्टूबर, मंगलवार से 24 नवंबर, मंगलवार कार्तिक पूर्णिमा तक रहेगा। यानी अगले 29 दिनों में कई महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर आएंगे।

कार्तिक मास में क्यों खास है दीपदान
कार्तिक मास में सुबह स्नान करने, मंदिरों में दर्शन करने, भगवान विष्णु की पूजा और तुलसी के पास दीपक जलाया जाता है। कई श्रद्धालु पूरे महीने नियमित रूप से दीपदान करते है, इस दौरान दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सहायता को भी महत्व बताया गया है। कार्तिक मास में आने वाली देवउठनी एकादशी से मांगलिक कार्यों की शुरुआत से जुड़ी परंपराएं भी विशेष रूप से चर्चा में रहती हैं।
कार्तिक मास के प्रमुख व्रत और त्योहार
29 अक्टूबर, गुरुवार – करवा चौथ: विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन की कामना से व्रत रखेंगी।
1 नवंबर, रविवार – अहोई अष्टमी: संतान की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना से माताएं व्रत करेंगी।
5 नवंबर, गुरुवार – रमा एकादशी: भगवान विष्णु की पूजा और व्रत का विशेष अवसर रहेगा।
6 नवंबर, शुक्रवार – धनतेरस: धन्वंतरि पूजा और खरीदारी की परंपरा के साथ दीपोत्सव की शुरुआत होगी।
8 नवंबर, रविवार – दीपावली: माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के साथ घरों और प्रतिष्ठानों में दीप जलाए जाएंगे।
9 नवंबर, सोमवार – गोवर्धन पूजा: भगवान श्रीकृष्ण की पूजा और अन्नकूट से जुड़ी परंपराएं निभाई जाएंगी।
11 नवंबर, बुधवार – भाई दूज: बहनें भाइयों के सुखी और स्वस्थ जीवन की कामना करेंगी।
15 नवंबर, रविवार – छठ पूजा: सूर्यदेव और छठी मैया की आराधना करते हुए व्रती उगते और डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगे।
20 नवंबर, शुक्रवार – देवउठनी एकादशी: भगवान विष्णु के योगनिद्रा से जागने से जुड़ा यह दिन तुलसी विवाह की तैयारियों के लिए भी महत्वपूर्ण है।
21 नवंबर, शनिवार – तुलसी विवाह: तुलसी और भगवान शालिग्राम के विवाह की परंपरा निभाई जाएगी।
24 नवंबर, मंगलवार – कार्तिक पूर्णिमा और देव दिवाली: स्नान, दान और दीपदान के साथ कार्तिक मास का समापन होगा। इसी दिन गुरु नानक जयंती भी मनाई जाएगी।
इन बातों का ध्यान पूरे महीने रखें
कार्तिक मास में श्रद्धालु अपनी दिन चर्या में पूजा-पाठ, स्नान और दीपदान को शामिल करें। तुलसी पूजा, मंदिर में दर्शन और जरूरतमंद को भोजन या वस्त्रदान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

