कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। बढ़ती हुई महंगाई के बीच ग्वालियर शहर के लोगों को नगर निगम, जलकर और सीवर टैक्स से जुड़ा बड़ा झटका दे सकती है। जिसके चलते नगरीय क्षेत्र के लोगो पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। नगर निगम द्वारा जलकर में बढ़ोतरी और नए सीवर टैक्स लगाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो आम उपभोक्ताओं को हर महीने करीब जलकर के 389 रुपये तक भुगतान करना पड़ सकता है।
मध्यप्रदेश के ग्वालियर नगर निगम द्वारा जल कर व्यवस्था में बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। प्रस्ताव के मुताबिक शहरवासियों को हर महीने पानी के बिल में अतिरिक्त राशि चुकानी पड़ सकती है। साथ ही पहली बार सीवर टैक्स भी लागू किए जाने की तैयारी है।
नगर निगम का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में पानी की सप्लाई और रखरखाव पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ रहा है। इसी वजह से राजस्व बढ़ाने के लिए यह प्रस्ताव लाने की तैयारी चल रही है। ऐसे में अनुमान है कि आम उपभोक्ताओ से जहां अभी 150 रुपए प्रतिमाह जलकर वसूला जाता है, वह करीब 389 रुपये प्रतिमाह तक वसूला जा सकता है। इसके अलावा सीवर टैक्स भी देना होगा।
जलकर बढ़ाने और नया सीवर टैक्स लागू करने से उपभोक्ताओं पर लगभग 389 प्रतिमाह अतिरिक्त भार पड़ेगा। हालांकि इससे निगम को राजस्व बढ़ने की उम्मीद है। आपको बता दें कि हाल में हर महीने 150 रूपए वसूला जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 27.40 करोड़ जलकर मिला था, जबकि 86 करोड़ रूपए पानी की आपूर्ति में सालाना खर्च होता है।
नगर निगम का तर्क है कि नई व्यवस्था से शहर की जल आपूर्ति और सीवरेज सिस्टम को बेहतर बनाया जा सकेगा। दरों को फाइनल करने के बाद MIC में भेजा जाएगा, स्वीकृति मिलने पर MIC से स्वीकृत प्रस्ताव परिषद जाएगा। जहां से सर्वसम्मति मिलने पर इसे लागू किया जाएगा।
वहीं दूसरी तरफ निकाय क्षेत्र में रहने वाले लोगों का मानना है कि बढ़ती महंगाई के बीच नया टैक्स और बढ़ा हुआ जल कर आम जनता की जेब पर असर डालेगा। नगर निगम सुविधाओं के नाम पर जनता को कुछ नही दे पा रही है। उल्टा वसूली बढ़ा रही है। फिलहाल यह प्रस्ताव प्रक्रिया में है और अंतिम फैसला आने वाले समय में लिया जाएगा। लेकिन लोगों के बीच अतिरिक्त आर्थिक बोझ को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

