Odisha Desk, भुवनेश्वर: ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 (MMDR-2026) के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। कांग्रेस ने इसे ‘काला कानून’ करार देते हुए इसके दुष्परिणामों पर चर्चा के लिए ओडिशा विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की मांग की है।

शुक्रवार को कांग्रेस विधायक दल के नेता रामचंद्र काडम के नेतृत्व में पार्टी के एक विधायक प्रतिनिधिमंडल ने लोक भवन में राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपकर इस विषय में तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया।

राज्यपाल को सौंपे गए पत्र में विधायक दल के नेता रामचंद्र काडम ने कहा कि यह नया अधिनियम ‘सहकारी संघवाद’ की मूल भावना पर सीधा हमला करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि:

वित्तीय स्वायत्तता का हनन: यह कानून ओडिशा जैसे समृद्ध खनिज संसाधन वाले राज्य से उसकी वित्तीय स्वायत्तता छीनता है।

केंद्रीय प्रभुत्व: खनिजों के आवंटन, राजस्व नियंत्रण और लीज के नवीनीकरण का केंद्रीकरण करके राज्य को महज एक ‘निष्क्रिय दर्शक’ बना दिया गया है।

कांग्रेस नेताओं ने यह भी चेतावनी दी कि यह अधिनियम संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत दिए गए सुरक्षात्मक प्रावधानों का उल्लंघन करता है। इसमें ग्राम सभाओं और जनजातीय सलाहकार परिषदों से ली जाने वाली स्वतंत्र और पूर्व सहमति के अनिवार्य अधिकार को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है।

पार्टी ने इसे आदिवासी अधिकारों और राज्य की संप्रभुता पर हमला बताते हुए राज्यपाल से अनुरोध किया है कि वे ओडिशा के समुदायों, अर्थव्यवस्था और संवैधानिक अधिकारों पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर गहन विचार-विमर्श के लिए विधानसभा का विशेष सत्र आहुत करें।

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