नई दिल्ली। देश में कोरोना की दूसरी लहर का जो कहर बरपा था, वह अनेक परिवारों को तबाह कर गया था, लेकिन लोगों ने उससे सबक नहीं लिया था और पिछले साल वाली गलती दोहराने से बाज नहीं आ रहे हैं. IANS-सी वोटर के एक सर्वेक्षण में यह बात उभरकर सामने आई है. इसमें 1 हजार 942 लोगों से मिलकर इस बारे में उनकी राय पूछी गई, तो लोगों की प्रतिक्रिया काफी चौंकाने वाली रही है. यह पूछे जाने पर कि क्या भारतीय इस बार फिर वही गलती दोहरा रहे हैं, तो 52.2 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि वे लोग पुरानी गलती को दोहराने से बाज नहीं आ रहे हैं. पिकनिक मनाने, पार्टियों में जाने और विवाह कार्यक्रमों में बैखोफ शिरकत कर रहे हैं. इसके अलावा नेताओं की रैलियों में भी लोग जाने से परहेज नहीं कर रहे हैं.

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सर्वे में शामिल 24.1 प्रतिशत लोगों ने माना कि लोग इस बार फिर कम से कम एक गलती तो दोहरा ही रहे हैं. केवल 13.4 उत्तरदाताओं का कहना था कि भारतीय कोई गलती नहीं कर रहे हैं. इसके अलावा प्रत्येक 4 में से 3 भारतीयों ने माना कि वे दूसरी लहर जैसी गलती कर रहे हैं.अगर तीसरी लहर प्रचंड रूप में सामने आई, तो इससे देश के स्वास्थ्य ढांचे पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है. इस बार लोगों में इस वेरिएंट को लेकर ज्यादा डर भी नहीं दिखाई दे रहा है, क्योंकि मीडिया और चिकित्सा जगत के लोग भी यही कर रहे हैं कि यह पहले विषाणु जितना घातक नहीं है और इसी वजह से वे इसे बहुत हल्के में ले रहे हैं, लेकिन वैज्ञानिकों और डॉक्टरों का यह भी कहना है कि इस विषाणु की संक्रामक शक्ति कितनी घातक होगी, अभी से कोई अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है और आने वाले दिनों में इसमें और क्या बदलाव हो सकते हैं. देश में ओमिक्रॉन के मामलों में रोजाना जितनी बढ़ोतरी हो रही है, उसे देखकार अभी वैज्ञनिक और चिकित्सक कुछ भी ठोस कहने से बच रहे हैं.