दिल्ली सरकार पात्र युवा खिलाड़ियों को अब हर महीने 2,000 रुपये की आर्थिक मदद देगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने इसकी जानकारी दी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की अहम बैठक में ‘मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना’ का दायरा बढ़ाने को मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत उन पात्र खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता दी जाएगी, जो दिल्ली सरकार के स्पोर्ट्स सेंटर और स्टेडियम में नियमित रूप से ट्रेनिंग ले रहे हैं। सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के दौरान आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना और उन्हें खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।
कैबिनेट के फैसले के बाद दिल्ली सरकार के स्पोर्ट्स सेंटर और स्टेडियम में नियमित प्रशिक्षण लेने वाले पात्र युवा खिलाड़ियों को हर महीने 2,000 रुपये की सहायता दी जाएगी। इससे खिलाड़ियों को अपनी ट्रेनिंग और खेल गतिविधियों से जुड़े खर्चों में मदद मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार के स्पोर्ट्स सेंटर और स्टेडियम में नियमित ट्रेनिंग लेने वाले अंडर-14, अंडर-17, अंडर-19 और अंडर-21 एथलीट्स को यह सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे खिलाड़ियों को अपनी प्रैक्टिस जारी रखने में मदद मिलेगी।
अंडर-14 से अंडर-21 तक के खिलाड़ियों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि दिल्ली सरकार के स्पोर्ट्स सेंटर और स्टेडियम में नियमित ट्रेनिंग लेने वाले अंडर-14, अंडर-17, अंडर-19 और अंडर-21 एथलीट्स को हर महीने 2,000 रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस आर्थिक मदद से खिलाड़ियों को अपनी प्रैक्टिस जारी रखने में सहयोग मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए जरूरी सहयोग और अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि वे खेलते रहें और लगातार प्रयास करते रहें।
पैसों की कमी के चलते बीच में ही ट्रेनिंग छोड़ देते हैं
सीएम के मुताबिक, आर्थिक मदद मिलने से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के ट्रेनिंग से बाहर होने की संभावना कम होगी। सरकार का मकसद ऐसे खिलाड़ियों को सहयोग देना है, जो आर्थिक तंगी के कारण प्रैक्टिस बीच में ही छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं।
एक सेंटर पर 100 और अधिकतम 150 लाभार्थी
स्पोर्ट्स सेंटर में नियमित रूप से ट्रेनिंग लेने वाले अधिकतम 25 प्रतिशत खिलाड़ियों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। किसी एक स्टेडियम या सेंटर में अधिकतम 100 खिलाड़ी लाभार्थी हो सकेंगे। वहीं, बड़े स्टेडियम में बजट की उपलब्धता के आधार पर यह संख्या बढ़ाकर 150 तक की जा सकती है।
किस आधार पर होगा सेलेक्शन?
खिलाड़ियों का चयन केवल आर्थिक स्थिति के आधार पर नहीं होगा। इसके लिए उनके खेल प्रदर्शन, भविष्य की संभावनाओं, नियमित ट्रेनिंग और अनुशासन को भी आधार बनाया जाएगा। यानी आर्थिक मदद के लिए खिलाड़ी का खेल में सक्रिय और अनुशासित होना भी जरूरी होगा।
खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका देने पर जोर
सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य युवा प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर पर जरूरी आर्थिक सहयोग देना है, ताकि पैसों की कमी उनकी खेल यात्रा में बाधा न बने। इससे खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण जारी रखने और आगे प्रतियोगिताओं की तैयारी करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली के पास होगी अपनी खुद की SDRF, गठन की प्रक्रिया शुरू
दिल्ली में अब अपना राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) होगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर SDRF के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से यह जानकारी दी गई। दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने NDRF के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर प्रस्तावित SDRF के गठन और उसकी तैयारियों को लेकर जरूरी इनपुट लिए। सरकार का कहना है कि किसी भी प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदा की स्थिति में दिल्ली के पास अपना प्रशिक्षित और सक्षम आपदा प्रतिक्रिया बल होना जरूरी है। इसी दिशा में सरकार निर्णायक कदम उठा रही है। प्रस्तावित SDRF को अत्याधुनिक संसाधनों और जरूरी प्रशिक्षण से लैस करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
सत्य निकेतन हादसे के बाद तेजी से बढ़ी जरूरत
सत्य निकेतन में हुए हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान में NDRF की टीम ने जिस तत्परता और बेहतर समन्वय के साथ काम किया, मुख्यमंत्री ने उसकी सराहना की। उन्होंने पूरी दिल्ली की ओर से NDRF की टीम के प्रति आभार जताया। सरकार का मानना है कि दिल्ली में अपना SDRF होने से आपदा की स्थिति में शुरुआती प्रतिक्रिया और राहत-बचाव अभियान को और तेज किया जा सकेगा। इसके लिए NDRF के अनुभव और विशेषज्ञता का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
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