रांची। राजधानी में बढ़ते ट्रैफिक दबाव से राहत दिलाने वाली तीन बड़ी परियोजनाएं अब निर्माण के करीब पहुंच गई हैं। हरमू, अरगोड़ा-चापुटोली और करमटोली-चिरौंदी फ्लाइओवर के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। तीनों प्रोजेक्ट में अलग-अलग कंपनियों को एल-वन चुना गया है। अब रेट नेगोशिएशन के बाद कंपनियों को वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा। विभाग की कोशिश है कि अक्टूबर से तीनों परियोजनाओं पर निर्माण कार्य शुरू हो जाए।
करोड़ों की लागत से बदलेगा शहर का ट्रैफिक नेटवर्क
तीनों फ्लाइओवर का निर्माण स्टेट हाईवे अथॉरिटी ऑफ झारखंड (साज) कराएगा। प्रोजेक्ट को EPC यानी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन मॉडल पर पूरा किया जाएगा। इसके तहत संबंधित कंपनी डिजाइन तैयार करने से लेकर निर्माण तक का पूरा काम संभालेगी।
किस कंपनी को कौन सा फ्लाइओवर?
करमटोली-चिरौंदी: शिवालया कंस्ट्रक्शन कंपनी को एल-वन चुना गया है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 351 करोड़ रुपये है।
अरगोड़ा-चापुटोली: दिनेश चंद्र आर. अग्रवाल इंफ्राकॉन कंपनी एल-वन रही है। इसके लिए 223.14 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया था।
हरमू फ्लाइओवर: मुंबई की हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी यानी HCC को एल-वन घोषित किया गया है। इस परियोजना की लागत करीब 326.61 करोड़ रुपये है।
हरमू फ्लाइओवर से कांके रोड तक आसान होगा सफर
हरमू फ्लाइओवर करीब 3.5 किलोमीटर लंबा होगा। इसका रूट सहजानंद चौक के पहले से शुरू होकर हरमू रोड और रातू रोड को पार करते हुए कांके रोड की जज कॉलोनी तक जाएगा।
सहजानंद चौक की ओर से आने वाले वाहनों को रातू रोड की तरफ जाने के लिए अलग कनेक्टिविटी दी जाएगी। इसके लिए गोशाला के सामने उतरने की व्यवस्था प्रस्तावित है।
अरगोड़ा फ्लाइओवर से कई रूट होंगे कनेक्ट
अरगोड़ा फ्लाइओवर की कुल लंबाई करीब 3.804 किलोमीटर होगी। यह हरमू रोड में काव्स रेस्टोरेंट के पास से डिबडीह ब्रिज के पहले तक बनाया जाएगा।
इसके साथ अरगोड़ा चौक से कटहल मोड़ की ओर चापुटोली और अशोक नगर रोड नंबर-3 तक भी फ्लाइओवर का हिस्सा बनेगा। परियोजना में राउंड अबाउट का प्रावधान है, जिससे अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
करमटोली से चिरौंदी तक बनेगा फ्लाइओवर
करमटोली-चिरौंदी प्रोजेक्ट की लंबाई करीब 3.216 किलोमीटर होगी। इसमें 2.7 किलोमीटर मुख्य फ्लाइओवर और करीब 0.52 किलोमीटर लिंक रोड शामिल है।
लिंक रोड मोरहाबादी की ओर बनाया जाएगा। इससे मोरहाबादी मैदान और स्टेडियम की तरफ से आने-जाने वाले लोगों को भी कनेक्टिविटी मिलेगी।
निर्माण शुरू होने के बाद दिखेगा बड़ा बदलाव
इन तीनों परियोजनाओं का मकसद राजधानी के प्रमुख जाम वाले इलाकों में ट्रैफिक फ्लो को बेहतर करना है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब अगला कदम रेट नेगोशिएशन और वर्क ऑर्डर है। सब कुछ तय समय के अनुसार रहा तो अक्टूबर से रांची में तीन बड़े फ्लाइओवर प्रोजेक्ट एक साथ आकार लेना शुरू कर सकते हैं।
हरमू फ्लाइओवर के निर्माण की जिम्मेदारी संभालने वाली HCC इससे पहले बांद्रा-वर्ली सी लिंक समेत कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम कर चुकी है।



