Dharm Desk – सनातन धर्म में भगवान शंकरकी पूजा-अर्चना का अत्यंत पवित्र और विशेष महत्व माना गया है। भगवान शंकर को भोलेनाथ भी कहा जाता है। क्योंकि वे अपने भक्तों की निष्कपट भक्ति और श्रद्धा से जल्दी प्रसन्न होने वाले देव माने जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिवलिंग पर विभिन्न प्राकृतिक वस्तुओं को चढ़ने का विधान है।

भक्त अपनी श्रद्धा और मनोकामनाओं के अनुसार शिवलिंग का अभिषेक करते हैं और विविध पूजन सामग्रियां अर्पित करते हैं। यह परंपरा सदियों से भारतीय संस्कृति और जनमानस में रच-बस गई है। प्राकृतिक सामग्रियों का अर्पण और शिव पूजा में उपयोग की जाने वाली प्रत्येक प्राकृतिक सामग्री का अपना एक विशिष्ट आध्यात्मिक महत्व होता है।
शिवलिंग पर चढ़ाने वाली सामग्री
- चावल – शिवलिंग पर चावल अर्पित करने से धन और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
- काला तिल – पूजा के दौरान काला तिल चढ़ाने से पितृ प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।
- गेहू – शिवलिंग पर गेहू चढ़ाने से संतान सुख की प्राप्ति होती है।
- शहद – शिवलिंग पर शुद्ध शहद अर्पित करने से जीवन में सौंदर्य और आकर्षण बढ़ता है।
- बेलपत्र – भगवान शंकर को बेलपत्र अर्पित करने से सभी संकट और कष्ट दूर होते हैं।
- आंवला – शिवलिंग पर आंवला चढ़ाने से धन-धान्य की वृद्धि और लंबी आयु की प्राप्ति होती है।
- दूध – दूध से शिवलिंग का अभिषेक करने से मानसिक शांति प्राप्त होती है।
- दही – शिवलिंग पर दही अर्पित करने से जीवन में प्रसन्नता हर्ष और उल्लास का आगमन होता है।
- गाय का घी – गाय का शुद्ध देसी घी अर्पित करने से मनुष्य का बल और तेज बढ़ता है।
- धतूरा – शिवलिंग पर धतूरा चढ़ाने से घर-परिवार में सुख और शांति बनी रहती है।



