Tiger Shroff Firing Case : मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ की हत्या के लिए कथित तौर पर महज 34 हजार रुपये में डील की गई थी। इस मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों की उम्र 18 से 22 साल के बीच है। इनमें दो आरोपी हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले हैं, जबकि तीसरा बिहार के बेगूसराय का निवासी है। तीनों को सोमवार को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार, इस मामले में कथित गैंगस्टर अनिल पंडित का नाम सामने आया है। आरोप है कि उसने रिहान नाम के युवक से 34 हजार रुपये में टाइगर श्रॉफ की हत्या की डील की थी। उसे विदेश में बसाने का प्रस्ताव भी दिया गया था। हालांकि, मामले में सामने आए आरोपों की पुष्टि जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगी।

सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

मुंबई में फायरिंग की घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान आरोपियों की गतिविधियों और उनके सफर से जुड़े सुराग मिले। इन्हीं कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंची। इसके बाद सोमवार सुबह करीब 9:40 बजे मुंबई पुलिस ने कोटा पुलिस को सूचना दी। संयुक्त कार्रवाई के दौरान तीनों आरोपियों को कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया।

कोटा एसपी तेजस्वी गौतम के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी बालिग हैं। उनकी उम्र 18 से 22 वर्ष के बीच है। पुलिस अब उनकी भूमिका, आपसी संपर्क और कथित साजिश से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।

सोनीपत के दो युवक, बिहार का तीसरा आरोपी

गिरफ्तार आरोपियों में रिहान और फूलसिंह हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले हैं। तीसरा आरोपी रितिक बिहार के बेगूसराय का निवासी है। पुलिस के अनुसार, रिहान मुंबई में मजदूरी करता था। उसके खिलाफ पहले से चोरी और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है।

पुलिस का दावा है कि फायरिंग के दौरान रिहान ने सबसे ज्यादा गोलियां चलाईं। वहीं, फूलसिंह ने टाइगर श्रॉफ की कार के शीशे के पास पिस्टल से गोली चलाने की कोशिश की, लेकिन हथियार जाम हो गया। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि घटना को अंजाम देने में किस आरोपी की क्या भूमिका थी।

एक महीने से मुंबई में रहने का दावा

जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक, तीनों आरोपी करीब एक महीने से मुंबई में थे। रितिक अंधेरी वेस्ट इलाके में रैपिडो टैक्सी चलाता था। पुलिस का आरोप है कि वह करीब एक महीने से अभिनेता की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित रेकी किसके निर्देश पर की गई और इसमें अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।

फायरिंग के बाद बदल लिया था सफर का रास्ता

पुलिस के मुताबिक, अंधेरी वेस्ट में फायरिंग करने के बाद आरोपी वहां से भागकर रेलवे स्टेशन पहुंचे। उन्होंने लोकल ट्रेन से सफर किया और दो से तीन स्टेशन बाद उतर गए। इसके बाद ऑनलाइन टैक्सी के जरिए सूरत पहुंचे। वहां से उन्होंने पुणे-जयपुर एक्सप्रेस के जनरल कोच में यात्रा शुरू की।

बताया गया है कि तीनों आरोपी ट्रेन में अलग-अलग सीटों पर बैठे थे। पहचान छिपाने के लिए उन्होंने ट्रेन में ही बाल कटवाए और कपड़े भी बदल लिए। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और यात्रा से जुड़े सुरागों के आधार पर उनकी तलाश की। गिरफ्तारी के बाद पुलिस को आरोपियों के पास से पिस्टल नहीं मिलने की जानकारी सामने आई है। हथियार की बरामदगी और उसके इस्तेमाल को लेकर जांच जारी है।

क्या है टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस?

मुंबई के जुहू इलाके में रविवार शाम बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर बाइक सवार तीन हमलावरों ने फायरिंग की थी। घटना के दौरान अभिनेता के ड्राइवर फिरदौस और वहां मौजूद प्रशंसक योगेश चव्हाण (28) को गोली लगी थी। दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी होने की जानकारी दी गई।

बताया गया कि टाइगर श्रॉफ पुष्पा पार्क में आयोजित जन्मदिन समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। शाम करीब सात बजे जब वे वहां से निकलने की तैयारी कर रहे थे, तभी हमलावरों ने उनकी कार को निशाना बनाया और मौके से फरार हो गए।

इस घटना के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया। हमले की जिम्मेदारी कथित तौर पर लॉरेंस गैंग से जुड़े अनिल पंडित और हरमन संधु ने ली थी। पुलिस अब गिरफ्तारी, कथित हत्या की सुपारी, हथियार और हमले के पीछे की साजिश से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

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