मुकेश सेन, टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ शहर के प्रतिष्ठित होटल तेज में काम करने वाले एक युवक द्वारा अपनी दो महीने की रुकी हुई सैलरी मांगना भारी पड़ गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि बकाया वेतन मांगने पर होटल प्रबंधन ने रसूख का इस्तेमाल करते हुए पूर्व कर्मचारी के खिलाफ मारपीट और हरिजन एक्ट का झूठा मामला दर्ज करा दिया है। मामले में पीड़ित पक्ष ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ को आवेदन देकर निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई है।
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18 महीने काम करने के बाद छोड़ी थी नौकरी
पीड़ित आदर्श तिवारी के चचेरे भाई नीरज तिवारी ने बताया कि आदर्श ने होटल तेज में करीब 18 महीने तक काम किया था और निजी कारणों से नौकरी छोड़ दी थी। नौकरी छोड़ने के बाद उसकी 2 महीने की सैलरी बकाया रह गई थी, जिसे मांगने वह लगातार होटल मैनेजमेंट के चक्कर काट रहा था। आरोप है कि 22 सितंबर को जब आदर्श दोबारा पैसे मांगने पहुंचा, तो मैनेजमेंट ने एक अन्य कर्मचारी को आगे कर विवाद कराया और बाद में उसी के जरिए हरिजन एक्ट में झूठा केस दर्ज करवा दिया।
सत्ताधारी दल से जुड़े होने का आरोप, सीसीटीवी आया सामने
पीड़ित परिवार का सीधा आरोप है कि होटल संचालक सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से जुड़े हुए हैं और अपने राजनीतिक रसूख के बल पर पीड़ित को प्रताड़ित कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, होटल के अकाउंटेंट के.के. भास्कर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि आदर्श अपनी मर्जी से काम छोड़कर गया था। 22 सितंबर को उसने होटल परिसर में आकर हंगामा किया और कर्मचारी मोंटी राय के साथ बाहर ले जाकर मारपीट की, जिसका सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद है।
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जांच में जुटी पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी विक्रम सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से बातें सामने आई हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है, जिसके बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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