Tikaram Jully Rajasthan Government Allegations: राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर जनकल्याणकारी योजनाओं में कटौती और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। सोमवार को अलवर के मोतीडूंगरी स्थित अपने कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का असर गरीब, जरूरतमंद और आदिवासी समुदाय पर पड़ रहा है।

जूली ने मनरेगा, खाद्य सुरक्षा, महंगाई और रोजगार जैसे मुद्दों पर कांग्रेस का विरोध जारी रखने की बात कही। उन्होंने एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली में राजस्थान से एक लाख से अधिक लोगों के शामिल होने का दावा भी किया।

मनरेगा और खाद्य सुरक्षा योजना पर उठाए सवाल

टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि प्रदेश की भाजपा सरकार मनरेगा और खाद्य सुरक्षा योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में कटौती कर रही है। उनके मुताबिक, इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों के हित प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आदिवासी समुदाय से जुड़ी योजनाओं के बजट में कटौती किए जाने का आरोप भी लगाया। जूली ने कहा कि सरकार को इन वर्गों की जरूरतों और हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

संविधान की मूल भावना कमजोर करने का आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इनके कारण आमजन परेशान है और संविधान की मूल भावना कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महंगाई, रोजगार, जनकल्याणकारी योजनाओं और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगती रहेगी। जूली के मुताबिक, लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता से जुड़े सवालों का जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है।

पंचायत चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में रुझान का दावा

जूली ने पंचायत चुनाव को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि अलवर सहित प्रदेश के कई हिस्सों में कांग्रेस के पक्ष में रुझान दिखाई दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत चुनाव में कई कांग्रेस समर्थित सरपंच जीत हासिल कर चुके हैं। टीकाराम जूली ने बताया कि एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की रैली आयोजित की जाएगी। उनके अनुसार, रैली में वोट चोरी के आरोप, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रद्द करने की मांग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, महंगाई और केंद्र सरकार की नीतियों जैसे मुद्दे उठाए जाएंगे।

जूली ने कहा कि राजस्थान से इस रैली में एक लाख से अधिक लोगों को शामिल कराने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ जनता से जुड़े मुद्दों को उठाते रहने की बात दोहराई।

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