गया। जिले के टिकारी अंतर्गत पंचानपुर थाना क्षेत्र में लगातार सामने आ रही अवैध हथियारों की बरामदगी ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था और अपराधियों के सिंडिकेट को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस द्वारा की जा रही ताबड़तोड़ कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि क्षेत्र में अवैध हथियारों का काला कारोबार अभी भी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है।
​बीते 15 दिनों के भीतर पुलिस ने विभिन्न मामलों में कार्रवाई करते हुए कई अपराधियों को दबोचा है और उनके पास से अवैध हथियार तथा जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस की यह सक्रियता अपराध पर लगाम कसने की दिशा में एक बड़ा कदम तो है, लेकिन हथियारों की लगातार मौजूदगी चिंता का विषय बनी हुई है।

​ताजा कार्रवाई: वाहन जांच से लेकर घर तक छापेमारी

​इस पूरे मामले का ताजा घटनाक्रम बुधवार का है, जब पुलिस बेला मोड़ के पास नियमित वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध बाइक सवार शत्रुघ्न पासवान को पुलिस ने रोका। उसकी तलाशी और पूछताछ के बाद जब उसके मोबाइल फोन की जांच की गई, तो उसमें एक देशी कट्टा के साथ उसकी तस्वीर मिली।
​पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, जिसके आधार पर पहले सचिन और फिर पंकज कुमार के ठिकानों पर छापेमारी की गई। इस छापेमारी के दौरान मुख्य आरोपी पंकज कुमार के घर से पुलिस ने दो देशी कट्टा, एक सिक्सर और 11 जिंदा कारतूस बरामद किए। इस बड़ी सफलता ने इलाके में सनसनी फैला दी है।

​पहले भी हो चुकी हैं ऐसी कई गिरफ्तारियां

​पंचानपुर थाना क्षेत्र में अवैध हथियारों का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी पुलिस को लगातार सफलताएं मिली हैं:

  • ​30 जुलाई: संदिग्ध व्यक्तियों के सत्यापन अभियान के दौरान पड़रिया गांव निवासी टेकन बिंद उर्फ पंकज के घर पर छापेमारी की गई। वहां से चार लीटर देशी महुआ शराब के साथ एक देशी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया।
  • ​8 जुलाई: करहरा गांव निवासी संटू कुमार को पुलिस ने एक देशी कट्टा और छह जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया।
  • ​इन लगातार हो रही गिरफ्तारियों और बरामदगियों से यह स्पष्ट होता है कि क्षेत्र में अपराधियों के पास हथियारों की कोई कमी नहीं है और वे लगातार सक्रिय बने हुए हैं।

​साल 2023 की गन फैक्ट्री की यादें और मौजूदा चुनौतियां

​क्षेत्र के लोगों के जेहन में अभी साल 2023 की वह घटना ताजा है, जब पंचानपुर गोह मुख्य मार्ग स्थित रानी बिगहा के समीप एक फर्नीचर की दुकान की आड़ में चल रही मिनी गन फैक्ट्री का पुलिस ने उद्भेदन किया था। उस समय पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर यह उम्मीद जताई थी कि अवैध हथियारों के इस कारोबार पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी।हालिया घटनाओं ने एक बार फिर प्रशासनिक तंत्र के सामने यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर इन इलाकों में अवैध हथियारों की आपूर्ति कहां से हो रही है और इसके पीछे कौन-सा नेटवर्क सक्रिय है।

​पुलिस का पक्ष

​इस पूरे मामले को लेकर पंचानपुर एसएचओ पद्माकर उपाध्याय ने जानकारी दी है कि पिछले 15 दिनों के भीतर चार लोगों को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया है। पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। बरामद हथियारों के स्रोत का पता लगाया जा रहा है और इनसे जुड़े अन्य सहयोगियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।