उत्तम कुमार, मुजफ्फरपुर। बिहार विधान परिषद के तिरहुत स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक चुनाव को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने आज शुक्रवार को मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर और वैशाली के जिलाधिकारियों के साथ चुनावी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्वतंत्र, निष्पक्ष, भयमुक्त और पारदर्शी माहौल में चुनाव कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करने का निर्देश दिया।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि चुनाव की घोषणा के साथ ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है। इसका पालन राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों के साथ-साथ सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को भी करना होगा। उन्होंने कहा कि आचार संहिता के पालन में किसी तरह की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
29 सितंबर से नामांकन, 23 अक्टूबर को मतदान
तिरहुत स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के लिए 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर निर्धारित की गई है। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा। इसके बाद 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। पूरी निर्वाचन प्रक्रिया 31 अक्टूबर से पहले पूरी कर ली जाएगी।
146 स्नातक और 58 शिक्षक मतदान केंद्र
प्रमंडलीय आयुक्त ने समीक्षा बैठक के दौरान मतदान केंद्रों, कर्मचारियों, प्रशिक्षण, मतपेटिकाओं, वाहनों और डिस्पैच सेंटर की तैयारियों की जानकारी ली। तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में फिलहाल कुल 146 मतदान केंद्र, जबकि तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 58 मतदान केंद्र हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मतदान से जुड़े सभी कर्मचारियों को समय पर प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि नामांकन से लेकर मतदान और मतगणना तक किसी भी स्तर पर निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के पालन में कमी न रहे।
28 विधानसभा क्षेत्रों में 84 फ्लाइंग स्क्वायड
आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के लिए तिरहुत स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी 28 विधानसभा क्षेत्रों में फ्लाइंग स्क्वायड सक्रिय कर दिए गए हैं। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में तीन-तीन टीमों के हिसाब से कुल 84 फ्लाइंग स्क्वायड का गठन किया गया है।
ये टीमें मतदाताओं को डराने-धमकाने, असामाजिक गतिविधियों, शराब और हथियारों के इस्तेमाल या अवैध आवाजाही के साथ-साथ मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए बड़ी मात्रा में नकदी के इस्तेमाल जैसी शिकायतों पर कार्रवाई करेंगी।
सोशल मीडिया पर भी रहेगी नजर
चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली सामग्री की भी निगरानी की जाएगी। आयुक्त ने कहा कि उम्मीदवारों या राजनीतिक दलों की ओर से मतदाताओं को प्रभावित करने के उद्देश्य से तैयार किए गए ऑडियो-विजुअल कंटेंट का इस्तेमाल मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (MCMC) की जांच और अनुमति के बाद ही किया जा सकेगा।
जिलों की एमसीएमसी सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली खबरों और पोस्ट की लगातार निगरानी करेगी। भ्रामक, उत्तेजनापूर्ण या अतिशयोक्तिपूर्ण पोस्ट सामने आने पर आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
चुनाव से जुड़ी शिकायतों और सूचनाओं के लिए प्रमंडल स्तर पर शिकायत अनुश्रवण एवं निवारण केंद्र बनाया गया है। मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर और वैशाली से संबंधित शिकायत या सूचना 0621-2213962 पर दी जा सकती है। इसके अलावा चारों जिलों के जिला संपर्क केंद्रों के टोल फ्री नंबर 1950 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
आयुक्त ने अधिकारियों को आदर्श आचार संहिता, विधि-व्यवस्था, कार्मिक, निर्वाचन व्यय, मीडिया, वाहन और प्रशिक्षण समेत सभी संबंधित कोषांगों को पूरी तरह सक्रिय रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के हर चरण में प्रशासन को सतर्क रहना होगा, ताकि निर्वाचन स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराया जा सके।
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