Today’s Top News : अबूझमाड़ मुठभेड़ में दो बड़े नक्सली लीडर ढेर, स्कूलों में मोबाइल एप से लगेगी हाजिरी, अतिथि व्याख्याता नीति-2024 में संसोधन के लिए नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को लिखा पत्र, पूर्व गृहमंत्री ने कलेक्टर के खिलाफ खोला मोर्चा, शांति वार्ता की पेशकश के बाद माओवादियों के बदले सुर… समेत पढ़ें दिनभर की प्रमुख खबरें
Today’s Top News : नारायणपुर। बस्तर में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है. छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमावर्ती अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में दो बड़े नक्सली लीडर मारे गए. मारे गए माओवादी कैडरों के शवों की पहचान सीपीआई (माओवादी) केंद्रीय समिति के सदस्य राजू दादा उर्फ कट्टा रामचंद्र रेड्डी और कोसा दादा उर्फ कादरी सत्यनारायण रेड्डी के रूप में हुई है. दोनों पर छत्तीसगढ़ में 40-40 लाख रुपए का इनाम घोषित था.
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, अनुशासित एवं तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। विभाग ने “विद्या समीक्षा केंद्र” के अंतर्गत शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए एक विशेष मोबाइल एप विकसित किया है। यह एप अब गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है और इसे प्रत्येक शिक्षक द्वारा डाउनलोड कर पंजीयन करना तथा प्रतिदिन अपनी उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। इस व्यवस्था से शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड वास्तविक समय पर उपलब्ध रहेगा, जिससे विद्यालयीन अनुशासन और शिक्षा की गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय सुधार होगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा विभाग की “अतिथि व्याख्याता नीति-2024” में स्थानीय उम्मीदवारों को प्राथमिकता न देने को लेकर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने नीति में संशोधन की मांग की है। हाल ही में सरगुजा संभाग में 34 पदों पर नियुक्तियों में 15 पद अन्य राज्यों के निवासियों को दिए जाने से स्थानीय युवाओं में नाराजगी है। डॉ. महंत ने सरकार से नीति में छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को ही पात्रता देने की मांग की है।
कोरबा। पूर्व गृहमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता ननकीराम कंवर ने कोरबा कलेक्टर अजीत बसंत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर कलेक्टर को हटाने की मांग की है. उनका आरोप है कि कलेक्टर हिटलर प्रशासक की तरह काम कर रहे हैं और उनके खिलाफ सैकड़ों भ्रष्टाचार के मामले हैं. ननकीराम कंवर ने कहा कि अगर कलेक्टर को तीन दिन के भीतर नहीं हटाया गया तो वे शासन-प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठेंगे.
बस्तर। छत्तीसगढ़ में नक्सल मुद्दे पर शांति वार्ता की संभावनाओं को लेकर माओवादियों की केंद्रीय समिति ने अपने सुर बदल लिए हैं। केंद्रीय समिति प्रवक्ता अभय और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी प्रवक्ता विकल्प ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया है कि बदली हुई परिस्थितियों में संगठन हथियार नहीं छोड़ेगा।
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