गयाजी। रामपुर थाना क्षेत्र के गोदावरी भैरो स्थान मोहल्ले के रहने वाले 16 वर्षीय करण कुमार ने अपनी जान की परवाह किए बिना अपने तीन दोस्तों की डूबने से जान बचा ली, लेकिन खुद फल्गु नदी के पानी में झाड़ियों में फंसने के कारण वह जिंदगी की जंग हार गया। आठवीं कक्षा का छात्र करण नगर निगम के सफाईकर्मी कारू मांझी का बेटा था।
कैसे हुआ हादसा?
शुक्रवार सुबह करीब साढ़े दस बजे करण अपने तीन दोस्तों के साथ फल्गु रबर डैम घूमने गया था। सभी दोस्त नदी के पानी में नहा रहे थे, तभी अचानक वे गहरे पानी में चले गए और एक-एक कर डूबने लगे। अपने साथियों को मौत के मुंह में जाता देख करण ने बिना एक पल गंवाए नदी में छलांग लगा दी। उसने अपनी पूरी ताकत झोंककर तीनों दोस्तों को तो सुरक्षित पानी से बाहर खींच लिया, लेकिन इस दौरान वह खुद गहरे पानी में नीचे मौजूद झाड़ियों में उलझ गया और बाहर नहीं निकल पाया।
24 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही रामपुर थाना पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम मौके पर पहुंच गई। शुक्रवार देर शाम और रात तक रेस्क्यू अभियान चलाया गया, लेकिन अंधेरा होने और नदी के पानी में फैली झाड़ियों के कारण करण का सुराग नहीं मिल सका। शनिवार की सुबह एसडीआरएफ की टीम ने फिर से खोजबीन शुरू की और कड़ी मशक्कत के बाद फल्गु रबर डैम से करण का शव बरामद कर लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है।
परिवार में कोहराम और मुआवजे की मांग
बेटे की इस आकस्मिक मौत से माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गोदावरी भैरो स्थान मोहल्ले में मातम का माहौल है। मृतक के पिता कारू मांझी ने अपने बेटे की बहादुरी को याद करते हुए जिला प्रशासन और सरकार से इस मुश्किल घड़ी में पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिए जाने की गुहार लगाई है। महज 16 साल की उम्र में करण ने जिस दिलेरी का परिचय दिया उसकी चर्चा आज पूरे गयाजी में हो रही है, हालांकि इस साहसी कदम ने उसके परिवार को उम्रभर का दर्द दे दिया है।


