शब्बीर अहमद, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज मंत्रालय पहुंचकर कैबिनेट की बैठक में शामिल होंगे। साथ ही कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम भी उनके एजेंडे में शामिल हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव आज सुबह 10:40 बजे मंत्रालय पहुंचेंगे। यहां वे कैबिनेट की बैठक में भाग लेंगे। दोपहर 2:15 बजे ग्वालियर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल होंगे।शाम 4:30 बजे विभागीय विषयों पर समीक्षा बैठक करेंगे।
कैबिनेट बैठक में आज कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा होगी
सबसे बड़ा प्रस्ताव है बालाघाट से सिवनी के बीच 91 किलोमीटर लंबे टू-लेन हाईवे को फोरलेन में अपग्रेड करने का।
राज्य सरकार महाराष्ट्र से सटे आदिवासी अंचलों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए यह परियोजना ला रही है। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के माध्यम से करीब 3400 करोड़ रुपये की लागत से यह फोरलेन हाईवे बनेगा। निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर किया जाएगा। इसके अलावा हितग्राही मूलक योजनाओं को अगली पंचवर्षीय योजना तक निरंतर जारी रखने के प्रस्ताव भी कैबिनेट में रखे जाएंगे।
आज से अतिथि शिक्षकों के रिक्त पदों के लिए होंगे आवेदन
शैक्षणिक सत्र 2026-27 में शासकीय विद्यालयों में नियमित शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए DPI ने अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति और पदस्थापना को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। जिन विद्यालयों में शिक्षकों के पद रिक्त हैं, वहां संबंधित विषय के लिए अतिथि शिक्षक आज से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
विकासखंड और जिला स्तर के पैनल से करीब पांच हजार गेस्ट टीचर नियुक्त किए जाएंगे। 1 सितंबर से इन अतिथि शिक्षकों को ऑनलाइन जॉइन भी कराया जा सकेगा। संभागीय संयुक्त संचालकों, जिला शिक्षा अधिकारियों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों तथा हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रक्रिया समय पर और सुचारू रूप से पूरी हो सके।
प्रदेश में एक साथ निकाय और पंचायत चुनाव कराने की तैयारी
मध्य प्रदेश में अगले साल जुलाई में निकाय चुनाव और उसके बाद पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं। राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत चुनाव की समय सीमा और प्रक्रिया को लेकर बड़े प्रशासनिक तथा तकनीकी बदलाव करने की तैयारी में जुटा है। उद्देश्य है कि निकाय और पंचायत चुनाव को एक साथ कराया जा सके, ताकि आदर्श आचार संहिता लंबे समय तक न लगे। वर्तमान में तीन चरणों में होने वाले चुनावों के कारण आदर्श आचार संहिता लंबी अवधि तक लागू रहती है, जिससे विकास कार्य प्रभावित होते हैं। एक साथ चुनाव कराने से यह समस्या काफी हद तक कम हो सकती है और विकास कार्यों पर आचार संहिता का लंबा असर नहीं पड़ेगा। राज्य निर्वाचन आयोग के इन बदलावों से चुनाव प्रक्रिया और तेज तथा सुचारू होने की उम्मीद है।
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