हजारीबाग। रांची से पटना जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस शनिवार को हजारीबाग में एक बड़े हादसे से बाल-बाल बच गई। चरही और बेस रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर अचानक लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली आ गई। तेज रफ्तार ट्रेन ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को टक्कर मार दी। हादसे में ट्रेन के अगले हिस्से को नुकसान पहुंचा, हालांकि यात्रियों के सुरक्षित होने से बड़ी दुर्घटना टल गई।

टक्कर के बाद मौके पर रुकी ट्रेन

ट्रैक्टर-ट्रॉली से टक्कर के बाद वंदे भारत एक्सप्रेस को घटनास्थल पर ही रोक दिया गया। करीब 40 मिनट तक ट्रेन खड़ी रही। रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर ट्रेन तथा ट्रैक का निरीक्षण किया। सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ट्रेन को आगे रवाना किया गया।

रेलवे लाइन तक ट्रैक्टर कैसे पहुंचा?

हादसे के बाद रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। सबसे अहम सवाल यह है कि आखिर लकड़ी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली रेलवे ट्रैक तक पहुंची कैसे? शुरुआती जानकारी में आसपास मौजूद कच्चे रास्ते से वाहन के ट्रैक तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

ट्रैक की निगरानी पर भी उठे सवाल

रेलवे ट्रैक पर किसी बाहरी वाहन का पहुंच जाना गंभीर मामला है। खासकर उस रेलखंड पर जहां वंदे भारत जैसी तेज रफ्तार ट्रेन संचालित होती है। ऐसे में रेलवे यह भी जांच करेगा कि ट्रैक के आसपास ऐसे कितने रास्ते मौजूद हैं, जहां से वाहन लाइन तक पहुंच सकते हैं और उन्हें रोकने के लिए क्या सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।

लकड़ी लदी ट्रॉली को लेकर भी जांच

हादसे में शामिल ट्रैक्टर-ट्रॉली पर बड़ी मात्रा में लकड़ी लदी थी। जांच में यह भी देखा जाएगा कि लकड़ी कहां से लाई जा रही थी और उसे कहां ले जाया जा रहा था। इसके परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है।

बड़ा हादसा टला, यात्री सुरक्षित

वंदे भारत की रफ्तार को देखते हुए रेलवे ट्रैक पर अचानक वाहन आने की घटना बेहद गंभीर हो सकती थी। यदि टक्कर की स्थिति अलग होती तो ट्रेन के पटरी से उतरने या यात्रियों के घायल होने का खतरा पैदा हो सकता था। फिलहाल किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है।

अब रेलवे की जांच से यह साफ होगा कि ट्रैक्टर-ट्रॉली रेलवे लाइन तक कैसे पहुंची और भविष्य में ऐसी घटना रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।