गांधीनगर। गुजरात में सड़क सुरक्षा को अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार ‘इनोवेशन, इंटीग्रेशन और इंटरवेंशन’ (नवोन्मेष, एकीकरण और हस्तक्षेप) का रुख अपना रही है। गांधीनगर में आयोजित 27वें ‘सेफ एनुअल कन्वेंशन – सस्टेनेबल मोबिलिटी एक्सपो’ के उद्घाटन समारोह में परिवहन राज्य मंत्री प्रवीण माली ने यह बात कही।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परिवहन राज्य मंत्री ने कहा कि वाहनों में यात्रियों की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एयरबैग, एबीएस (एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम) और ईबीडी (इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकफॉर वितरण) को अनिवार्य किया जा चुका है। इसके साथ ही अब पैदल यात्रियों और दोपहिया या छोटे वाहन चालकों की बाहरी सुरक्षा के लिए नई नीतियां और तकनीकी सुधार लागू किए जा रहे हैं।
इस एकदिवसीय सम्मेलन का आयोजन सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM), सोसाइटी फॉर ऑटोमोटिव फिटनेस एंड एनवायरनमेंट (SAFE), राज्य परिवहन विभाग और गुजरात रोड सेफ्टी अथॉरिटी के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
समारोह में गुजरात रोड सेफ्टी अथॉरिटी के कमिश्नर सतीश पटेल ने चिंताजनक आंकड़े साझा करते हुए बताया कि भारत में हर साल करीब 1,80,000 और अकेले गुजरात में 8,000 से अधिक लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवा देते हैं। वहीं, सड़क एवं भवन विभाग के सचिव पी. आर. पटेलिया ने स्पष्ट किया कि राज्य के 1,35,000 किलोमीटर लंबे रोड नेटवर्क पर पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए और आधुनिक समाधान बेहद जरूरी हैं।
पुलिस अधीक्षक साहित्य वी. ने ‘लाइफ-सेंट्रिक रोड इंटेलिजेंस’ तथा तकनीकी सुरक्षा उपायों पर विचार रखे। कार्यक्रम में ऑटोमोबाइल उद्योग के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और विभिन्न सरकारी विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जहां डेटा-आधारित क्रियान्वयन, सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर और टिकाऊ मोबिलिटी पर गहन मंथन हुआ।
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