गयाजी में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेल पुलिस (GRP) की संयुक्त टीम ने एक बड़े जहरखुरानी गिरोह के शातिर सदस्य को धर दबोचा है। आरोपी ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को अपने झांसे में लेकर उन्हें नशीला पदार्थ खिलाता था और फिर बेहोश कर उनके कीमती सामान चुरा लेता था। पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में नशीला सामान और चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
ऐसे देता था वारदातों को अंजाम
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह ट्रेन यात्रा के दौरान यात्रियों से मेल-जोल बढ़ाता था और बातचीत के जरिए उनका भरोसा जीत लेता था। इसके बाद वह यात्री को अपना सामान देखने के लिए कहकर चाय या बिस्किट लाने का झांसा देता था। इसी दौरान वह खाने-पीने की चीजों में नशीली गोलियां या संदिग्ध पाउडर मिला देता था। यात्री के बेहोश होते ही वह उसका मोबाइल, नकदी और अन्य सामान लेकर किसी भी स्टेशन पर उतरकर फरार हो जाता था।
तलाशी में मिला आपत्तिजनक सामान
रेल डीएसपी गुलशन कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि 4 अक्टूबर को वारिसलीगंज में एक यात्री के बेहोश मिलने के बाद यह मामला प्रकाश में आया था। जांच में स्पष्ट हुआ कि यात्री जहरखुरानी का शिकार हुआ है। इसके बाद एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया।
तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 7 अक्टूबर को गयाजी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1सी पर गश्त के दौरान संदिग्ध को पकड़ा गया। पूछताछ में उसकी पहचान नालंदा निवासी रमेश कुमार (55 वर्ष) के रूप में हुई। उसके बैग की तलाशी लेने पर पुलिस के होश उड़ गए। उसके पास से:
- 6 स्मार्ट मोबाइल फोन
- 120 नशीली गोलियां
- संदिग्ध नशीला पाउडर
- बिस्किट के पैकेट, डेबिट कार्ड और कई रेलवे टिकट बरामद किए गए।
ऑपरेशन रेल प्रहरी के तहत बड़ी सफलता
यह पूरी कार्रवाई रेलवे द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन रेल प्रहरी के तहत की गई है। सहायक सुरक्षा आयुक्त संजय कुमार सिंह और रेल डीएसपी गुलशन कुमार के निर्देशन में RPF और GRP के जवानों ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। अधिकारियों का कहना है कि ट्रेनों में जहरखुरानी की घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती हैं, और ऐसे अपराधियों पर नकेल कसने के लिए स्टेशनों और ट्रेनों में लगातार सख्त निगरानी रखी जा रही है।

