डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को टेक्सास में बॉर्डर वॉल बनाने की योजना पर कोर्ट से झटका लगा है. ये प्रोजेक्ट ट्रंप प्रशासन की 46 अरब डॉलर की योजना का हिस्सा है. यह रोक अस्थायी है, लेकिन इसे प्रोजेक्ट का विरोध करने वालों की बड़ी जीत माना जा रहा है. इसके तहत दक्षिणी सीमा पर 30 फीट ऊंची स्टील की दीवारें खड़ी की जानी हैं। साथ ही वाहनों को रोकने वाले बैरियर, सड़कें और निगरानी की आधुनिक तकनीक भी लगाई जानी है.

बिग बेंड इलाके में जमीन मालिकों और पर्यावरण समूहों के विरोध के बीच निर्माण पर फिलहाल रोक लग गई है. यह फैसला इलाके के लैंडओनर्स, कारोबारियों और पर्यावरणविदों के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है.

टेक्सास की एक फेडरल कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के 46 अरब डॉलर के प्रोजेक्ट के तहत बिग बेंड इलाके में बॉर्डर वॉल और अन्य निर्माण पर अस्थायी रोक लगा दी है. जज कैथलीन कार्डोने ने अपने फैसले में कहा कि वादी अपने दावों में सफल होते दिख रहे हैं और बिना स्टे के उन्हें गंभीर नुकसान हो सकता है. यह आदेश ऐसे वक्त आया है, जब प्रशासन ने कुछ ही हफ्ते पहले बिग बेंड सेक्टर में बॉर्डर वॉल के पहले पैनल लगाए थे। यानी काम शुरू होते ही उस पर ब्रेक लग गया है.

टेक्सास की संघीय अदालत ने शुक्रवार को एक आदेश जारी करते हुए डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को राज्य के बिग बेंड इलाके में बॉर्डर वॉल (अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर बनाई जा रही दीवार) और दूसरी बुनियादी सुविधाएं बनाने से फिलहाल रोक दिया गया है.

बॉर्डर वॉल प्रोजेक्ट का विरोध करने वालों का तर्क है कि टेक्सास का बिग बेंड इलाका इतना दूर-दराज और दुर्गम है कि यह अपने आप में इलीगल इमिग्रेशन को रोकने का काम करता है.

जमीन मालिकों और पर्यावरण समूहों के विरोध के बीच निर्माण पर फिलहाल रोक लग गई है. यह फैसला इलाके के लैंडओनर्स, कारोबारियों और पर्यावरणविदों के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है, जो एकजुट होकर इन प्रोजेक्ट्स का विरोध कर रहे थे. उनका आरोप है कि प्रशासन ने नियमों को किनारे रखकर कई छूट दे दीं और कानून तोड़ा.

यह केस सेंटर ऑफ बायोलॉजिकल डायवर्सिटी ने दायर किया था. संगठन के लाइकेन जोर्डहल ने फैसले को पूरी जीत बताया. उन्होंने इसे बिग बेंड, टेक्सास और संविधान के लिए ऐतिहासिक दिन करार दिया.

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