Automobile Desk: देश की प्रमुख दोपहिया और तिपहिया वाहन निर्माता कंपनी टीवीएस मोटर (TVS Motor Company) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस अवधि में कंपनी का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है और उसके शुद्ध मुनाफे में सालाना आधार पर करीब 50 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मजबूत मांग और वाहनों की रिकॉर्ड बिक्री के दम पर कंपनी का मुनाफा 1,194.51 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 795.48 करोड़ रुपये रहा था।

कंपनी द्वारा शेयर बाजार को भेजी गई वित्तीय जानकारी के अनुसार, सितंबर तिमाही के दौरान उसकी कुल परिचालन आय (Operating Revenue) में 38.6 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इस बार कंपनी का राजस्व बढ़कर 19,474.44 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि एक साल पहले समान अवधि में यह आंकड़ा 14,051.22 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। आय में आई इस तेजी की मुख्य वजह भारतीय बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कंपनी के दोपहिया वाहनों की बढ़ती मांग को माना जा रहा है।

बिक्री के आंकड़ों की बात करें तो टीवीएस मोटर ने इस तिमाही में अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है। जुलाई से सितंबर 2026 के बीच कंपनी ने कुल 19.19 लाख दोपहिया और तिपहिया वाहनों की बिक्री की। यह आंकड़ा पिछले साल की इसी तिमाही में बेचे गए 15.07 लाख यूनिट्स के मुकाबले 27 फीसदी अधिक है। वाहनों की यह अब तक की किसी भी तिमाही में हुई सबसे अधिक बिक्री है, जिसने कंपनी के राजस्व को एक नया उछाल दिया है।

कारोबार में इस बढ़ोतरी के पीछे कंपनी द्वारा पेश किए गए नए प्रोडक्ट्स और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार की रणनीति का बड़ा हाथ रहा है। हाल के महीनों में टीवीएस ने अपनी लोकप्रिय अपाचे (TVS Apache RTR) सीरीज के नए मॉडल बाजार में उतारे हैं। इसके अलावा, कंपनी ने अफ्रीका के ऑटो बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करते हुए टीवीएस रेडर (TVS Raider) को वहां लॉन्च किया है। पड़ोसी देश श्रीलंका में भी कंपनी ने टीवीएस ऑर्बिटर और एनटॉर्क 150 (TVS NTORQ 150) को पेश करके अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।

हालांकि, उत्पादन और बिक्री बढ़ने के साथ ही कंपनी के कुल खर्चों में भी बढ़ोतरी देखी गई है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में टीवीएस मोटर का कुल खर्च 38.9 प्रतिशत बढ़कर 17,776.83 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले साल इसी दौरान 12,801.67 करोड़ रुपये था।

इसके साथ ही टीवीएस मोटर के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने एक बड़ा रणनीतिक फैसला लेते हुए अपने कंज्यूमर फाइनेंस (वित्तीय कारोबार) को एक अलग कंपनी में विभाजित करने की योजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत एक नई होल्डिंग कंपनी का गठन किया जाएगा। कंपनी प्रबंधन का मानना है कि फाइनेंस सेक्टर को अलग करने से इस सेगमेंट को फैसले लेने में अधिक स्वायत्तता मिलेगी और यह निवेशकों व ग्राहकों दोनों के लिए बेहतर मूल्य तैयार करने में मददगार साबित होगा।