प्रदीप मालवीय, उज्जैन। धर्म नगरी उज्जैन में युवाओं यानी जेन जी (Gen Z) का अनूठा प्रदर्शन देखने को मिला है। बड़ी संख्या में युवा एकजुट होकर हिंदूवादी संगठन ‘हिंदू जागरण मंच’ के पदाधिकारी के घर जा पहुंचे। इस दौरान युवाओं ने डीजे की तेज धुन पर घर के बाहर ही गरबा किया, माता जी की आरती उतारी और नारे लगाते हुए विरोध दर्ज कराया। हालांकि इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा और पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

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क्या है पूरा विवाद और क्यों भड़के युवा?

दरअसल यह पूरा मामला गरबा आयोजनों में कमर्शियल फीस और पास को लेकर शुरू हुआ है। गरबा रास संगठन द्वारा 16 से 19 अक्टूबर तक इंदौर रोड स्थित एक निजी होटल में भव्य गरबा का आयोजन तय किया गया था, जिसके लिए सशुल्क पास भी बांटे गए थे। चूंकि इवेंट पूरी तरह पेड था, इसलिए हिंदू जागरण मंच इसका लगातार विरोध कर रहा था। विरोध के चलते आयोजन के पहले दिन यानी 16 अक्टूबर को हिंदू जागरण मंच के अर्जुन भदौरिया अपने कार्यकर्ताओं के साथ सीधे गरबा स्थल पहुंच गए और आयोजन को बंद करवा दिया। इस अचानक हुई कार्रवाई से वहां गरबा करने पहुंचे सैकड़ों युवा भड़क गए।

युवाओं ने उठाए हिंदूवादी संगठनों की कार्यशैली पर सवाल

आयोजन रुकने से आहत जेन जी के युवा रविवार को लामबंद होकर सीधे हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारी अर्जुन भदोरिया के बहादुरगंज स्थित निवास जा पहुंचे। वहां अनोखे अंदाज में विरोध जताते हुए उन्होंने न केवल गरबा किया और आरती की, बल्कि हिंदू संगठन के नेता का सम्मान भी किया। इस दौरान गरबा आयोजित करने वाले युवा हर्षवर्धन राणा, अनिकेत वर्मा और आयुषी राय ने हिंदूवादी संगठनों की कार्यशैली पर तीखे सवाल खड़े किए।

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युवाओं का तर्क है कि जब बड़े-बड़े मंदिरों में विशेष दर्शन और सुविधाओं के नाम पर शुल्क लिया जाता है, तब उनके इस आयोजन पर आपत्ति क्यों जताई जा रही है? उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को सनातन धर्म से जोड़ने के उद्देश्य से यह गरबा इवेंट कराया जा रहा है, लेकिन हिंदूवादी संगठन इसमें बाधा बन रहे हैं। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि एक निजी गार्डन किराए पर लेने, सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाने, बाउंसर तैनात करने और परिवारों को सुरक्षित एवं अनुशासित वातावरण देने के लिए भारी खर्च आता है, जिसके प्रबंधन के लिए ही पास बेचने पड़ते हैं।

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