प्रदीप मालवीय, उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन में गणेश चतुर्थी का पर्व अपार आस्था और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर में विराजमान अतिप्राचीन सिद्धिविनायक गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर भव्य और विशेष धार्मिक आयोजन किए गए। सुबह से ही भगवान गणेश के दर्शन और पूजन-अभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे पूरा मंदिर परिसर ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों से गुंजायमान रहा।

2500 साल पुरानी प्रतिमा, राजा भर्तहरि के काल से जुड़ी है मान्यता

मान्यता के अनुसार, सिद्धिविनायक की यह दिव्य प्रतिमा काले पाषाण से निर्मित है और लगभग ढाई हजार वर्ष पुरानी है। बताया जाता है कि महान राजा भर्तहरि द्वारा महाकाल मंदिर के शिखर निर्माण के समय इस सिद्धिविनायक प्रतिमा की स्थापना की गई थी। तभी से जो भी श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन करने आता है, वह सिद्धिविनायक भगवान के दर्शन और पूजन अवश्य करता है।

बांधा जाता है रक्षा सूत्र

गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर सिद्धिविनायक गणेश जी का विधि-विधान से पंचामृत पूजन-अभिषेक कर भव्य महाआरती की गई। इस दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पुत्र वैभव यादव ने मंदिर पहुंचकर भगवान गणेश का पूजन-अभिषेक किया और महाआरती में सहभागिता की। देश-विदेश में प्रसिद्ध इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां बंधवाया जाने वाला रक्षा सूत्र श्रद्धालुओं को अकाल मृत्यु और विभिन्न प्रकार के संकटों से सुरक्षा प्रदान करता है।

5 लाख मोदकों का लगा महाभोग

इस वर्ष गणेश चतुर्थी के अवसर पर भगवान सिद्धिविनायक को 5 लाख मोदक का महाभोग लगाया गया है। मंदिर समिति द्वारा इन मोदकों को आगामी 12 दिनों तक दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा। पर्व के चलते भक्तों में अद्भुत उत्साह और उल्लास देखने को मिल रहा है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m