संजीव, सोनीपत। जिले में संचालित हर निजी कोचिंग सेंटर का पंजीकरण अब अनिवार्य होगा। अतिरिक्त उपायुक्त अजय चोपड़ा ने अधिकारियों को जिले के सभी निजी कोचिंग संस्थानों की जानकारी जुटाकर उनका पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह व्यवस्था हरियाणा प्राइवेट कोचिंग इंस्टीट्यूट्स रूल्स, 2026 के तहत लागू होगी। पंजीकरण के लिए संस्थान को ऑनलाइन आवेदन के साथ ₹10 हजार शुल्क जमा करना होगा। पंजीकरण प्रमाण-पत्र की वैधता तीन साल होगी।

जिला शिक्षा अधिकारी होंगे नोडल अधिकारी

अतिरिक्त उपायुक्त अजय चोपड़ा ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी को पंजीकरण प्रक्रिया के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है। वे संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।

मौजूदा निजी कोचिंग संस्थानों के साथ नया कोचिंग सेंटर शुरू करने वाले व्यक्ति या संस्था को भी निर्धारित पोर्टल के जरिए पंजीकरण के लिए आवेदन करना होगा। आवेदन की जांच के बाद पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा।

तीन साल बाद कराना होगा नवीनीकरण

पंजीकरण प्रमाण-पत्र तीन साल तक वैध रहेगा। इसकी अवधि समाप्त होने से कम से कम एक महीने पहले नवीनीकरण के लिए आवेदन करना होगा। नवीनीकरण के लिए ₹5 हजार शुल्क निर्धारित किया गया है।

आवेदन में देनी होगी संस्थान की पूरी जानकारी

पंजीकरण के दौरान कोचिंग संस्थानों को अपने पाठ्यक्रम और उसकी अवधि की जानकारी देनी होगी। इसके साथ फीस स्ट्रक्चर, प्रत्येक बैच में विद्यार्थियों की अधिकतम संख्या और कक्षाओं की क्षमता भी बतानी होगी।

संस्थान को शिक्षकों और अन्य स्टाफ की शैक्षणिक योग्यता व अन्य विवरण भी उपलब्ध कराने होंगे। इसके अलावा संस्थान में मौजूद मूलभूत सुविधाओं की जानकारी भी आवेदन के साथ देनी होगी।

विद्यार्थियों की सुरक्षा पर रहेगा जोर

नियमों के तहत कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। इनमें पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पीने का स्वच्छ पानी और छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय शामिल हैं।

संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, प्राथमिक उपचार, पार्किंग और पुस्तकालय या रीडिंग रूम जैसी सुविधाओं का भी प्रावधान करना होगा।

भवन के स्वामित्व या किराये से जुड़ी जानकारी भी देनी होगी। इसके साथ आवश्यक फायर सेफ्टी और स्ट्रक्चरल सेफ्टी प्रमाण-पत्र निर्धारित प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराने होंगे।

समय पर पंजीकरण कराने की अपील

अतिरिक्त उपायुक्त ने जिले के सभी कोचिंग सेंटर संचालकों से नियमों का गंभीरता से पालन करने और समयबद्ध तरीके से पंजीकरण कराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इन प्रावधानों का उद्देश्य कोचिंग संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ विद्यार्थियों की सुरक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना है।

इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया, रेंजर फॉरेस्ट ऑफिसर नरेश कुमार और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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