प्रदीप मालवीय, उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन में सोमवार को श्री महाकालेश्वर मंदिर से माता उमा की पारंपरिक और भव्य सवारी निकाली गई। पांच दिवसीय ‘उमा सांझी महोत्सव’ के समापन के अवसर पर निकली इस सवारी को देखने के लिए शहरभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। शाम 4 बजे मंदिर के सभामंडप में वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान से पूजन के बाद माता की पालकी को रवाना किया गया।

महाकाल मंदिर के पुजारियों ने की पूजा, सशस्त्र बल ने दी सलामी

सवारी की शुरुआत से पहले महाकाल मंदिर के पुजारियों और पुरोहितों ने माता उमा की चांदी की प्रतिमा का विशेष पूजन-अर्चन किया। इसके पश्चात प्रतिमा को सुंदर रजत की पालकी में विराजमान किया गया। मंदिर के मुख्य द्वार पर पहुंचते ही सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने माता उमा को गार्ड ऑफ ऑनर दी।

इस भव्य सवारी की अगुवाई घुड़सवार, सशस्त्र पुलिस बल और श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति का सुरीला बैंड कर रहा था। सवारी के दौरान डोल रथ पर पीतल की प्रतिमा में गरुड़ पर विराजमान माताजी और भगवान महेश भी साथ चल रहे थे, जो मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे।

प्रमुख मार्गों से होते हुए शिप्रा तट पहुंची सवारी

महाकाल मंदिर से उठी यह सवारी महाकाल चौराहा, महाकाल घाटी और तोपखाना से होते हुए आगे बढ़ी। इसके बाद दौलतगंज चौराहा, नई सड़क, कंठाल, सराफा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर और पटनी बाजार जैसे प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए शिप्रा तट पर पहुंची। रामघाट पर पहुंचने के बाद माता उमा की प्रतिमा का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया, जिसके बाद जवारे और संजा का विसर्जन किया गया। इस दौरान पूरा क्षेत्र ‘जय मां उमा’ और ‘हर हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा।

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