देहरादून. अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक VIP की संलिप्तता और कथित तौर पर भाजपा के ही सूत्रों से एक नाम का उजागर होना, जन आक्रोश को शांत करने के लिए CBI की जांच और जांच के पूरा हुए बिना कथित रूप से आरोपित व्यक्ति को गवर्नर बनाना उत्तराखंड के लिए अत्यधिक अपमानजनक स्थिति है. अंकिता के माता-पिता अपने आंसुओं का सैलाब लेकर दिल्ली इंडिया गेट पर पहुंचे, उन्हें चंद घंटों के बाद हिरासत में ले लिया गया. वहां राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने उनसे भेंट की और उन्हें समर्थन का आश्वासन दिया.

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आगे हरीश रावत ने कहा कि अंकिता के माता-पिता द्वारा उत्तराखंड में जन आंदोलन खड़ा करने की दिल्ली घोषणा और उसके आलोक में लीडर ऑफ अपोजिशन राहुल गांधी द्वारा महामहिम राष्ट्रपति को पत्र लिखकर सिक्किम के गवर्नर की नियुक्ति को होल्ड में रखने की मांग करना एक बड़ा तेजी से घटता हुआ घटनाक्रम है. इस घटनाक्रम में हमारी उत्तराखंडवासियों की भावनात्मक ही नहीं बल्कि सक्रिय संलिप्तता, आक्रोश को खुलकर व्यक्त करना अत्यधिक आवश्यक है. उत्तराखंड बंद भी आक्रोश व्यक्त करने का एक तरीका हो सकता है.

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हरीश रावत ने ये भी कहा कि एक बात आज मां कात्यायनी के स्वरूप का स्मरण करते हुए मेरे ध्यान में आई कि इन नवरात्रियों में हमारी बहन, हमारी माताएं कन्या पूजन करती हैं. इस बार एक कन्या का पूजन अंकिता भंडारी के रूप में भी. अंकिता ने आपके हमारे गौरव और सम्मान की रक्षा के लिए प्राणों का उत्सर्ग किया है, उसकी हत्या एक बलिदान भी है. मैं सब लोगों से प्रार्थना करना चाहता हूं कि मेरे ध्यान में आई हुई इस विनती को वो आगे बढ़ाएं और यदि उन्हें मेरी विनती अच्छी लग रही है तो कृपया उसको समर्थन दें और इसको एक मूवमेंट के रूप में गांव-गांव तक पहुंचाएं ताकि हर घर में कन्या पूजन में इस बार अंकिता के रूप में भी एक कन्या का पूजन किया जाए.