देहरादून. गृहमंत्री अमित शाह पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए हरीश रावत ने खुली चुनौती दे डाली है. उन्होंने कहा कि जुम्मे की छुट्टी या किसी भी घोटाले का प्रमाण दे दीजिए, मैं राजनीति छोड़ दूंगा. थैंक्यू, आदरणीय अमित शाह जी. आपने अपने संबोधन में मुझको संदर्भित कर कुछ झूठ बोले. मैं इसे झूठ इसलिए कह रहा हूं, केवल इसलिए नहीं कि जो आपने कहा उसमें कोई तथ्य नहीं है, बल्कि इसलिए भी कह रहा हूं कि जो आपकी बात सामने सुन रहे थे, उन लोगों ने भी आपके झूठ की ताली बजाकर समर्थन नहीं किया. इसका स्पष्ट अर्थ है कि आपकी पार्टी के लोग भी यह मानकर चल रहे हैं. बल्कि आपकी पार्टी के लोगों ने भी यह माना कि जो कुछ आदरणीय अमित शाह जी कह रहे हैं वह झूठ है और उसका जनमानस पर यही असर है.
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आगे उन्होंने कहा कि आपने कहा कि सचिवालय कमीशन का अड्डा बन गया. आज तो बिल्कुल जो भी सचिवालय में जा रहा है, उसका काम सेवा-भाव से हो रहा है. आपके मंत्री भी सेवा-भाव से ही काम कर रहे हैं, इसीलिए एक मंत्री के पति ने कहा है कि उनके पास 210 करोड़ रुपए की संपत्ति है और स्वयं पति ने कहा कि जब मेरे पास आई थी तो उस समय केवल साड़ी और चप्पल इनके पास थे, बाकी कुछ नहीं. एक मंत्री के ऊपर आय से अधिक संपत्ति का मामला हाईकोर्ट में आया और हाईकोर्ट ने सीबीआई की जाँच बिठाने का आदेश कर दिया, जिसकी अनुमति आपकी सरकार नहीं दे रही है.
आगे हरीश रावत ने कहा कि यदि घोटालों की चर्चा करने लगूंगा, तो भाजपा के तो हर कार्यालय में घोटाला है. मैं चुनौती देकर कह रहा हूं आदरणीय अमित शाह जी, माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार, आप इनमें से एक घोटाले को सिद्ध कर दीजिए, कोई प्रमाण दे दीजिएं. यहां तक कि जुम्मे की छुट्टी का भी आप प्रमाण दे दीजिए, मैं राजनीति छोड़ दूंगा और राज्य और देश के लोगों से माफ़ी मांगूंगा. आप एक भी कोई प्रमाण दें. बाकी रहा शराब, स्टिंग और स्टिंग, तो आदरणीय अमित शाह जी, यह आपने और आपके लोगों ने करवाया है.
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हरीश रावत ने ये भी कहा कि सबको मालूम है कि कैलाश विजय वर्गीय जो आज मध्य प्रदेश में मंत्री हैं, उनको यही काम सौंपा है और उनके सानिध्य में ही ये सारे स्टिंग ऑपरेशन हुए हैं. आप और आपकी सरकार स्टिंग-बाज़ रखते हैं अपने पास. शायद आपकी व्यवस्था चलाने के लिए जन-कल्याणकारी नीतियां काफ़ी नहीं होती हैं, इसलिए आदरणीय अमित शाह जी, आप स्टिंग-बाज़ों का सहारा लेते हैं, तो स्टिंग-बाज़ भी आपको मुबारक, स्टिंग-बाज़ी भी आपको मुबारक और यह झूठ भी आपको मुबारक.

