देहरादून. गृहमंत्री अमित शाह के सवालों का जवाब देते हुए पूर्व सीएम हरीश रावत ने करारा पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि आदरणीय अमित शाह जी ने आज राजनीतिक चकल्लस के अलावा एक गंभीर सवाल मुझसे पूछा कि कोई ऐसा काम बताइए जो उल्लेख करने के काबिल हो? माननीय शाह जी, उत्तराखंड दैवीय आपदा से गंभीर रूप से टूट-फूट, हर प्रकार के संचार के भंग होने, अर्थव्यवस्था चौपट होने आदि से ग्रस्त हो गया था. यह हमारी सरकार थी जिसने सवा साल में उत्तराखंड को आपदा से उभारा, अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाए. चारधाम यात्राएं जो आपके वहां विराजमान मुख्यमंत्री, तत्कालीन मुख्यमंत्री बंद करवा कर के गए थे, उन्हें पुनः संचालित किया और श्री केदारनाथ में अभूतपूर्व सुरक्षा और पुनर्निर्माण के काम किए. यह हमारी बनाई हुई गुफाएं थीं, जहां आपके माननीय प्रधानमंत्री को आकर के तप करने का सौभाग्य मिला.

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आगे हरीश रावत ने कहा कि हमारी ही सरकार ने 32,000 से ज्यादा लोगों को राजकीय सेवाओं में स्थायी नौकरियां दी और 10,000 से ज्यादा लोगों को अस्थायी रूप से अस्थायी नौकरियों पर लगाया. जिस रिकॉर्ड को छूने में आपकी सरकारें अभी हांफ रही हैं, मगर 10 साल में आधे तक भी नहीं पहुंच पा रही है. यह हमारी सरकार थी जिसने उत्तराखंड के उत्पादों, व्यंजनों, वस्त्र-आभूषणों, शिल्प हस्तकला और लोककला को आगे बढ़ाया और आज हमारी प्रारंभ की गई पहलों का नतीजा है कि लाखों उत्तराखंडवासी, उत्तराखंड के भाई-बहन उनका प्रत्यक्ष और उनका प्रत्यक्ष लाभ उठा रहे हैं.

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हरीश रावत ने ये भी कहा कि हमने नकारात्मक विकास दर को सुधार कर 14% वार्षिक विकास दर और बेरोजगारी की वृद्धि दर को डेढ़ प्रतिशत से भी नीचे लाए. रेवेन्यू में हम कर्नाटक के बाद दूसरे नंबर पर रहे. हमारे कार्यकाल में कोई उद्योग उत्तराखंड से भागा नहीं, आज लग नहीं रहे हैं, उद्योग भाग रहे हैं. हमने देश के अंदर सबसे सस्ती दर पर स्वस्थ विद्युत बिजली लोगों को प्रदान की. आज उत्तराखंड 1 लाख करोड़ से ज्यादा के कर्ज में दबा हुआ है. हमने केवल हमने 3 साल में आपदा के बावजूद केवल 7,000 करोड़ बाजार से कर्ज लिया. यदि माननीय शाह जी यदि और बताने लगूंगा तो हमारी उपलब्धियों की फेहरिस्त बहुत लंबी है और आज ठीक उसके उल्टा हो रहा है.