देहरादून. उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष करन माहरा ने अंकिता भंडारी मामले को लेकर सीएम धामी पर निशाना साधते हुए सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी, उत्तराखंड की बेटियों की सुरक्षा पर सवालों से आप बच नहीं सकते! हमारी बहन अंकिता भंडारी की हत्या आपकी सरकार के कार्यकाल में हुई. जनता आज भी पूछ रही है कि रिजॉर्ट पर बुलडोज़र चलाने की इतनी जल्दबाज़ी क्यों हुई? साक्ष्य मिटाने के आरोपों पर स्पष्ट जवाब कहां है? जिस कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका को लेकर सवाल उठे, उससे जुड़े हर आरोप की निष्पक्ष जांच और पूरी सच्चाई जनता के सामने कब आएगी?

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आगे करन माहरा ने कहा कि मुख्यमंत्री जी, देहरादून आईएसबीटी में नाबालिग बच्ची से कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला भूल गए, जिसमें पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी? चंपावत में आपकी पार्टी के पदाधिकारी पर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप और मुकदमा दर्ज होने का मामला भूल गए? बेटियों की सुरक्षा पर भाषण देने वाली सरकार बताए कि सार्वजनिक स्थानों तक पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसकी है?

करन माहरा ने आगे कहा कि “बेटी बचाओ” का नारा देने भर से जिम्मेदारी पूरी नहीं होती. पीड़ित परिवारों को न्याय, निष्पक्ष जांच और सुरक्षा चाहिए. किसी आरोपी का राजनीतिक रसूख न्याय की राह में बाधा नहीं बनना चाहिए. अपराधी कोई भी हो, उसका संबंध किसी भी दल से हो, कानून सब पर समान रूप से लागू होना चाहिए.

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आगे करन माहरा ने ये भी कहा कि धामी जी, आज आप मुख्यमंत्री हैं, कल नहीं भी होंगे. लेकिन सत्ता बदलने से न्याय के सवाल खत्म नहीं होते. हमारा संकल्प है कि सरकार बदलेगी तो अंकिता प्रकरण में कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका और साक्ष्य मिटाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराएंगे. जिसकी भी संलिप्तता प्रमाणित होगी, उसे कानून के कठघरे में लाया जाएगा. उत्तराखंड की बेटियों को न्याय दिलाने की आवाज़ न दबेगी, न थमेगी.