देहरादून. केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के बयान को लेकर सियासी पारा गरमा गया है. नेता विपक्ष यशपाल आर्य ने निशाना साधते हुए कहा कि मोदी सरकार के मंत्री का ऐलान – योजनाओं का लाभ अब आधार से नहीं, वोटर ID से तय होगा. साजिश बहुत गहरी है, इत्मीनान से समझिए. SIR के नाम पर करोड़ों नाम वोटर लिस्ट से काटे जा रहे हैं, रोका नहीं गया तो और भी काटे जाएंगे. ज़्यादातर नाम किनके? जो BJP के ख़िलाफ़ आक्रोश में हैं.
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आगे यशपाल ने कहा कि वोटर लिस्ट एक निष्पक्ष चुनाव आयोग के हाथ में होनी चाहिए. मगर अब वो मोदी सरकार के कर्मचारी, ज्ञानेश कुमार के हाथ में है, जिसकी BJP के साथ मिलीभगत में वोट चोरी हमने सबूत के साथ पकड़ी है. तैयारी है ऐसी लिस्ट बनाने की जिसमें बहुमत हमेशा BJP का हो और अब वही लिस्ट तय करेगी कि आपको योजना का पैसा मिलेगा या नहीं. कल जिसने भी ठाना कि BJP को हटाना है, तो चुन-चुनकर सबका नाम काटा जाएगा.
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यशपाल आर्य ने ये भी कहा कि नाम कटा-वोट गया. वोट गया-हक गया. और देखते ही देखते आप एक hijacked लोकतंत्र के अदृश्य नागरिक बन जाएंगे. जहां जनता सरकार नहीं चुनेगी, सरकार अपनी जनता चुनेगी. आज पंचायती राज की योजनाएं. कल राशन? पेंशन? मनरेगा? आवास? छात्रवृत्ति? आरक्षण? यह चुनाव जीतने की राजनीति नहीं, चुनाव चोरी का इंतज़ाम और सत्ता में बने रहने का स्थायी बंदोबस्त है. वोट देना आपका अधिकार है, शर्त नहीं. किसी ग़रीब की पेंशन उसके वोटर कार्ड की ग़ुलाम नहीं हो सकती. ये सिर्फ़ वोट चोरी नहीं – ये हक चोरी है. हम ये होने नहीं देंगे.

