कोटद्वार. जशोधरपुर औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार सुबह प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला. जहां. अचानक आए तेज आंधी ने एक परिवार की खुशियां उजाड़ दीं. बेमौसम तेज आंधी और बारिश से बचने के लिए एक चाय की दुकान के शेड का सहारा ले रहे दो राहगीर अचानक धराशायी हुए एक विशालकाय पेड़ के मलबे में दब गए. हादसे में एक ग्रामीण ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दूसरा जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है.

मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह मौसम के अचानक बदले मिजाज के बाद मूसलाधार बारिश और तेज हवाएं चलने लगीं। हल्दूखाता के रहने वाले विक्रम उर्फ खटमल (55 वर्ष, पुत्र छज्जू सिंह) और किशनपुर निवासी दलीप (45 वर्ष, पुत्र शिवराज सिंह) खुद को भीगने से बचाने के लिए पास ही की एक दुकान के पास खड़े हो गए. उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि जिस पेड़ की छांव में वे आसरा ले रहे हैं, वही काल बन जाएगा. देखते ही देखते चक्रवाती आंधी के झोंके से एक भारी-भरकम पेड़ जड़ से उखड़कर सीधे उनके ऊपर आ गिरा. चीख-पुकार सुनकर दौड़े स्थानीय लोग मलबे की विशालता देखकर दंग रह गए, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया.

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हादसे की भयावहता को देखते हुए तत्काल कलालघाटी पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) को अलर्ट किया गया. सूचना मिलते ही एसआई राजा राम डोभाल और एसएसआई शशि भूषण जोशी भारी साजो-सामान के साथ रेस्क्यू टीम लेकर मौके पर पहुंचे. बचाव दल ने युद्धस्तर पर अभियान चलाकर भारी टहनियों को काटा और मलबे में दबे दलीप को सुरक्षित बाहर निकाला. दलीप को लहूलुहान हालत में तुरंत बेस अस्पताल कोटद्वार रेफर किया गया, जहां आईसीयू में उनका इलाज चल रहा है और स्थिति बेहद नाजुक बताई जा रही है. वहीं, मौके पर दम तोड़ने वाले विक्रम के शव को पुलिस ने रेस्क्यू कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है.