संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में चुनाव से पहले बढ़ती हिंसा और अशांति पर गंभीर चिंता जताई है. प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के जवानों की मौत की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उन्होंने गिरफ्तार JAAC नेताओं को कानूनी अधिकार देने, इंटरनेट सेवाएं बहाल करने और स्थानीय लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए समावेशी राजनीतिक संवाद शुरू करने की अपील की है.

उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने अशांति के दौरान हुई मौत की सभी घटनाओं की तत्काल, गहन और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच संयम बरतने की अपील की है.

जिनेवा से जारी एक बयान में कहा गया कि संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टुर्क ने इस माह के अंत में होने वाले क्षेत्रीय चुनावों से पहले PoK में फैली अशांति के बीच शांति बनाए रखने की शुक्रवार को अपील की.

जिनेवा से जारी बयान में कहा गया कि किसी नागरिक संगठन को अपराधी घोषित करना और जन सभाओं पर कड़े प्रतिबंध लगाना सही नहीं है. अभिव्यक्ति की आजादी, शांतिपूर्ण सभा करने के अधिकार और संगठन बनाने की स्वतंत्रता जैसे मूल अधिकार सभी को है और इसे रोकना गंभीर चिंताएं पैदा करता है.

बयान के अनुसार, जून से अब तक कई लोगों की मौत की सूचना है. इनमें अधिकांश प्रदर्शनकारी हैं, जबकि कुछ सुरक्षा बलों के भी जवान हैं. 

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने कहा कि हिरासत में लिए गए जेएएसी नेताओं को कानूनी सहायता और अपने परिवारों से मिलने की सुविधा मिलनी चाहिए. साथ ही उनके निष्पक्ष सुनवाई और कानूनी अधिकार की पूरी तरह रक्षा की जानी चाहिए.

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