मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी संदीप भागिया ने उन्नाव में बिजली आपूर्ति और राजस्व वसूली की समीक्षा की. नवाबगंज पक्षी विहार के पास बिजली लाइन में फॉल्ट और पक्षियों की सुरक्षा को लेकर तकनीकी अध्ययन के निर्देश दिए गए.

उन्नाव. मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक संदीप भागिया ने बुधवार को उन्नाव में करीब पांच घंटे तक अधिकारियों के साथ बैठक और स्थलीय निरीक्षण किया. ट्रांसगंगा सिटी से लेकर नवाबगंज पक्षी विहार के पास से गुजर रही बिजली लाइन तक उन्होंने आपूर्ति व्यवस्था, तकनीकी समस्याओं और राजस्व वसूली की स्थिति का जायजा लिया.

एमडी ने अधिकारियों को उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति देने के साथ राजस्व संग्रह पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए. उन्होंने बताया कि इस महीने के लक्ष्य की तुलना में राजस्व की समीक्षा की गई है और विभाग पिछले वर्ष के थ्रू-रेट के लगभग बराबर पहुंच चुका है.

ग्रामीणों की वोल्टेज समस्या

ट्रांसगंगा सिटी के निरीक्षण के दौरान आसपास के गांवों में बिजली आपूर्ति की स्थिति भी देखी गई. ग्रामीणों ने बताया कि घरों तक बिजली पहुंच रही है, लेकिन कम वोल्टेज के कारण रोजमर्रा के विद्युत उपकरण ठीक से नहीं चल पाते.

ग्रामीणों ने समस्या के स्थायी समाधान के लिए क्षेत्र में अलग पावर हाउस बनाने की मांग रखी. एमडी ने मौके की स्थिति का जायजा लेकर अधिकारियों को अलग पावर हाउस, लाइन में सुधार या किसी अन्य तकनीकी विकल्प की संभावनाओं का अध्ययन कर ठोस प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए.

निजी फीडर की ट्रिपिंग

निरीक्षण के दौरान यूनिवर्सिटी प्रबंधन की ओर से निजी फीडर होने के बावजूद निर्बाध बिजली नहीं मिलने की शिकायत की गई. प्रबंधन के मुताबिक बार-बार ट्रिपिंग से संस्थान की विद्युत व्यवस्था प्रभावित हो रही है.

इस पर एमडी ने अधिकारियों से केवल फॉल्ट ठीक करने के बजाय बार-बार ट्रिपिंग की मूल वजह तलाशने को कहा. उन्होंने समस्या का स्थायी तकनीकी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.

बर्ड गार्ड की जांच

नवाबगंज पक्षी विहार के पास से गुजर रही बिजली लाइन का निरीक्षण भी एमडी के दौरे का अहम हिस्सा रहा. अधिकारियों ने बताया कि इस लाइन में बार-बार फॉल्ट आने की शिकायत मिलती रही है, जिसके बाद एमडी ने इसके कारणों का तकनीकी अध्ययन कराने के निर्देश दिए.

पक्षियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिजली लाइनों पर बर्ड गार्ड लगाने की संभावना पर भी चर्चा हुई. 33 केवी लाइनों में इस्तेमाल होने वाले बर्ड गार्ड को 11 केवी लाइन पर लगाया जा सकता है या नहीं, इसकी तकनीकी जांच कराई जाएगी.

नए प्लान पर चर्चा

बैठक में आगामी एडिशनल बिजनेस प्लान 2026-27 को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई. एमडी ने अधिकारियों से जनप्रतिनिधियों से मिले सुझावों को इसमें शामिल करने को कहा.

लंबे फीडरों से जुड़ी समस्याओं को कम करने, जंगलों के बीच से गुजर रही बिजली लाइनों को सुरक्षित और बेहतर बनाने तथा औद्योगिक उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए जरूरी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए. अधिकारियों को इन सुझावों को प्लान में शामिल करने के लिए पांच से छह दिन का समय दिया गया है.

बकाया वसूली पर जोर

बिजली आपूर्ति के साथ राजस्व बढ़ाने का मुद्दा भी बैठक में प्रमुख रहा. एमडी ने पुराने बकाये की वसूली के लिए गांव-गांव बैठकें आयोजित करने और उपभोक्ताओं को समय पर बिजली बिल जमा करने के फायदे बताने के निर्देश दिए.

उन्होंने बड़े बकायेदारों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने को भी कहा. अधिकारियों से आने वाले महीनों में उन्नाव क्षेत्र के राजस्व प्रदर्शन को और बेहतर करने पर फोकस करने के निर्देश दिए गए.