साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में शिक्षा, कौशल विकास, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एकेटीयू और यूपी साइबर क्राइम शाखा ने पांच साल के लिए एमओयू किया है. इसके तहत सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, छात्रों के लिए इंटर्नशिप और प्रोजेक्ट तथा स्टार्टअप्स को सहयोग देने पर काम होगा.

लखनऊ. साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में शिक्षा, कौशल विकास, शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुवार को डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) और साइबर क्राइम, पुलिस मुख्यालय, उत्तर प्रदेश के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया. पांच वर्ष के लिए किए गए इस एमओयू का उद्देश्य छात्रों को साइबर सुरक्षा की वास्तविक चुनौतियों से जोड़ने के साथ ही इनोवेशन हब के जरिए उत्तर प्रदेश पुलिस की साइबर क्राइम शाखा के लिए तकनीकी समाधान विकसित करने में सहयोग करना है.

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर जोर

एमओयू का आदान-प्रदान एकेटीयू की ओर से वित्त अधिकारी केशव सिंह एवं निदेशक, इनोवेशन हब यूपी तथा साइबर क्राइम शाखा की ओर से एसपी साइबर क्राइम राजेश कुमार ने किया. इस दौरान सीईओ इनोवेशन हब डॉ. महीप सिंह भी उपस्थित रहे.

एमओयू का प्रमुख फोकस साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) स्थापित करने की दिशा में संयुक्त रूप से कार्य करना होगा. प्रस्तावित सेंटर के माध्यम से विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, साइबर अपराध की रोकथाम, डिजिटल फॉरेंसिक और संबंधित उभरती तकनीकों में प्रशिक्षण एवं व्यावहारिक अनुभव देने की दिशा में कार्य किया जाएगा.

छात्रों को इंटर्नशिप

एमओयू के तहत एकेटीयू के छात्रों के लिए इंटर्नशिप और प्रोजेक्ट के अवसर विकसित करने पर भी जोर दिया गया है. इससे विद्यार्थी साइबर अपराध की रोकथाम एवं जांच से संबंधित वास्तविक समस्याओं पर काम कर सकेंगे.

साइबर क्राइम शाखा को विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और नवप्रवर्तकों द्वारा विकसित नई तकनीकों, प्रोटोटाइप और समाधान का लाभ मिल सकेगा.

स्टार्टअप्स को सहयोग

साझेदारी के तहत साइबर सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक, साइबर सेफ्टी प्लेटफॉर्म और संबंधित क्षेत्रों में काम कर रहे स्टार्टअप्स को मेंटरशिप एवं सहयोग देने की भी योजना है.

इनोवेशन हब के माध्यम से ऐसे स्टार्टअप्स और छात्र नवप्रवर्तकों को पुलिस विभाग की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़कर उपयोगी तकनीकी समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.