मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना का शुभारंभ किया. योजना के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों में युवाओं और रोजगार चाहने वालों के लिए स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन विकसित किए जाएंगे.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लोकभवन में सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना की शुरुआत की. इस योजना के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों में सरदार वल्लभभाई पटेल स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन विकसित किए जाएंगे.

मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के पहले चरण में गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर, झांसी और गौतमबुद्धनगर में केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है. इसके बाद योजना को सभी 18 मंडल मुख्यालयों और फिर प्रदेश के हर जिले तक पहुंचाया जाएगा.

एक ही जगह प्रशिक्षण-रोजगार

इन केंद्रों में युवाओं का पंजीकरण किया जाएगा और उनकी रुचि व योग्यता के आधार पर कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा. प्रशिक्षण के बाद उन्हें संस्थानों, फैक्ट्रियों और अन्य क्षेत्रों में रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुविधा केवल युवाओं तक सीमित नहीं होगी. अधिक उम्र के ऐसे लोग भी एम्प्लॉयमेंट जोन में पंजीकरण करा सकेंगे, जो रोजगार की तलाश में हैं.

विदेश जाने वालों को प्रशिक्षण

विदेश में नौकरी करने के इच्छुक युवाओं के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी. संबंधित देश की जरूरत के अनुसार कौशल प्रशिक्षण के साथ वहां की भाषा सिखाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.

मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि नर्सिंग का प्रशिक्षण लेने वाला युवा जापान या जर्मनी में रोजगार चाहता है तो उसे संबंधित भाषा और वहां की आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा. संबंधित दूतावास के सहयोग से रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था भी की जाएगी.

18 मंडलों के लिए तैयारी

मुख्यमंत्री के अनुसार, सभी 18 मंडल मुख्यालयों के लिए धनराशि की व्यवस्था पहले ही की जा चुकी है. जमीन उपलब्ध होने के बाद इन केंद्रों के निर्माण का काम शुरू कराया जाएगा.

गौतमबुद्धनगर में यमुना प्राधिकरण इस केंद्र को विकसित कर रहा है और टाटा जैसी संस्था भी इससे जुड़ चुकी है. गोरखपुर में गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण भी इस पहल में शामिल है.

उद्योगों से होगा जुड़ाव

मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित करने के लिए कई संस्थाओं के साथ एमओयू किए गए हैं. इनमें टाटा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स, अशोक लीलैंड, बीबीसी ग्रुप, पीटीसी, सीआईपैट, एशियन डेवलपमेंट बैंक, मिंडा और अवाडा शामिल हैं.

इन संस्थाओं के अनुभव और तकनीकी सहयोग का लाभ प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को मिलेगा. मुख्यमंत्री ने लखनऊ में वाहन निर्माण और अशोक लीलैंड के इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादन का भी उल्लेख किया.

स्वरोजगार पर भी जोर

कार्यक्रम में जॉब कार्ड प्राप्त करने वाले युवाओं को मुख्यमंत्री ने बधाई दी. उन्होंने सीएम युवा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की ब्याजमुक्त और गारंटीमुक्त सहायता के साथ प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का भी उल्लेख किया.

उन्होंने कहा कि युवा कॉलेज की पढ़ाई के साथ कौशल प्रशिक्षण भी प्राप्त कर सकते हैं. प्रतिदिन कुछ समय स्किलिंग के लिए देकर वे रोजगार की अपनी संभावनाओं को बढ़ा सकते हैं.

मुख्यमंत्री ने फूड प्रोसेसिंग में वैल्यू एडिशन की संभावनाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि दूध से छाछ, घी, मक्खन और पनीर जैसे उत्पाद तैयार करने के साथ फल और सब्जियों की प्रोसेसिंग व पैकेजिंग से बेहतर आमदनी प्राप्त की जा सकती है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि युवाओं को राष्ट्रीय एकता, कौशल और रोजगार से जोड़ना है. सरकार इसी उद्देश्य के साथ प्रदेश के सभी 75 जिलों में स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन विकसित करने की दिशा में काम कर रही है.