लखनऊ, उत्तर प्रदेश में पहाड़ों पर हुई बारिश के बाद कई नदियां उफान पर हैं. लखनऊ और सीतापुर समेत कई जिलों में बाढ़ का असर बढ़ गया है. गोंडा के 10 गांव अब भी बाढ़ की चपेट में हैं. ब्योन्दा माझा, दत्तनगर और नकहरा गांव के चारों तरफ और अंदर पानी भरा है. लोगों के आवागमन के लिए 50 से ज्यादा नावें लगाई गई हैं.
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घाघरा-सरयू के कटान से 20 बीघा जमीन नदी में समाई
गोंडा में घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 75 सेंटीमीटर नीचे है, लेकिन तरबगंज और कर्नलगंज तहसील के कई गांव प्रभावित हैं. घाघरा और सरयू के कटान से नवाबगंज के निचले इलाकों में बीते 24 घंटे में 20 बीघा से ज्यादा फसल और जमीन नदी में समा गई.
लखनऊ में गोमती का जलस्तर 8वें दिन भी बढ़ा
लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर लगातार आठवें दिन बढ़ रहा है. फैजुल्लागंज इलाके के करीब 40 हजार घरों में 5 से 6 फीट तक पानी भरने की बात सामने आई है. वहीं, इटौंजा में बाढ़ के तेज बहाव में छह दोस्त बह गए. इनमें एक की मौत हो गई, जबकि पांच को बचा लिया गया. उन्नाव में दीवार गिरने से एक महिला की मौत हो गई.
लेटे हनुमानजी मंदिर का गर्भगृह 13 फीट पानी में डूबा
प्रयागराज में लेटे हनुमानजी मंदिर का गर्भगृह करीब 13 फीट पानी में डूब गया है. मंदिर पूरी तरह जलमग्न होने के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए गर्भगृह बंद कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि करीब 20 साल बाद पहली बार ऐसी स्थिति बनी है.
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आठ जिलों में आंधी-बारिश, एक हफ्ते और मौसम बिगड़ने के आसार
सोमवार देर शाम प्रदेश के आठ जिलों में आंधी और बारिश हुई. बाराबंकी, प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर में ओले भी गिरे. तेज हवाओं से कई पेड़ और बिजली के पोल उखड़ गए. वैज्ञानिक अतुल सिंह के मुताबिक बिहार और यूपी के ऊपर बारिश का नया सिस्टम बना है. बंगाल की खाड़ी से नम हवाएं आने के कारण मौसम बदला है. अगले एक सप्ताह तक बारिश और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की संभावना है.

