लखनऊ. उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर फिलहाल थम गया है और मानसून की वापसी शुरू हो गई है. मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों से मानसून लौट चुका है. गुरुवार को प्रदेश में मौसम लगभग साफ रहने की संभावना है. IMD के ताजा पूर्वानुमान में 1 अक्टूबर को पूर्वी और पश्चिमी यूपी के लिए किसी तरह की मौसम चेतावनी नहीं है.
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घाघरा-सरयू समेत कई नदियां उफान पर
बारिश रुकने के बावजूद नेपाल और पहाड़ी क्षेत्रों से आ रहे पानी के कारण यूपी की कई नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है. घाघरा, सरयू, गंगा, शारदा और रामगंगा समेत कई नदियां कई इलाकों में बाढ़ और कटान की स्थिति पैदा कर रही हैं. बाराबंकी में सरयू के तेज बहाव से हेतमापुर क्षेत्र में कटान जारी है. यहां नदी के किनारे स्थित धार्मिक स्थलों और बस्तियों पर खतरा बना हुआ है.
गोंडा में 26 गांव बाढ़ की चपेट में
गोंडा में घाघरा नदी के बढ़े जलस्तर से कई गांव प्रभावित हैं. घरों और खेतों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई जगह सड़कें जलमग्न हैं और आवागमन के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है. हालिया रिपोर्ट के मुताबिक घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है.
उन्नाव-मुरादाबाद में भी जलभराव
उन्नाव में सई और गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी से निचले इलाकों में पानी पहुंच गया है. कई रास्तों पर पानी भरने से ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित है. वहीं मुरादाबाद में रामगंगा का पानी गांवों तक पहुंचने से सड़कें और छोटे पुल जलमग्न हो गए हैं. फतेहपुर में भी गंगा-पांडु नदी के बढ़ते जलस्तर से कटान और सड़क क्षति की स्थिति सामने आई है.
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धूप बढ़ेगी, तापमान में भी इजाफा
BHU के मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव के मुताबिक मानसून की वापसी के साथ वातावरण में नमी कम होगी और धूप बढ़ने से तापमान में इजाफा हो सकता है. हालांकि स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण कुछ इलाकों में हल्की बारिश संभव है. IMD के मुताबिक यूपी में इस साल मानसून के दौरान 802 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य से करीब 8% अधिक है.

