मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या में 100 वर्ष पुराने निशुल्क गुरुकुल महाविद्यालय की जमीन पर भू-माफियाओं द्वारा स्थानीय प्रशासन के सहयोग से कब्जा करने का गंभीर आरोप सामने आया है. गुरुकुल के प्राचार्य, व्यवस्थापक और छात्रों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिला प्रशासन से भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग की है.
आरोप है कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दौरान अस्थायी पार्किंग के लिए दी गई गुरुकुल महाविद्यालय की जमीन पर अब स्थायी कब्जा कर लिया गया है. परिसर में नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस की गाड़ियां खड़ी की जा रही हैं, जिससे विद्यार्थियों के खेलकूद और पढ़ाई का स्थान प्रभावित हो रहा है.
इसे भी पढ़ें- दंगा, भ्रष्टाचार और बिरयानी, सपा राज की… अखिलेश यादव की तस्वीर के साथ लगे आपत्तिजनक पोस्टर, जानिए ऐसा क्या लिखा था कि भड़क उठे सपाई
राम मंदिर से महज 1 किलोमीटर पूर्व राम पथ पर स्थित यह 100 वर्ष पुराना निःशुल्क गुरुकुल महाविद्यालय आज भी छात्रों को संस्कृति, ज्ञान और मंत्र की शिक्षा दे रहा है. विशाल प्रांगण में स्थापित इस गुरुकुल ने प्रशासन को सिर्फ कुछ दिनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था के लिए जमीन दी थी, लेकिन धीरे-धीरे 2 साल बीत गए और पूरा प्रांगण सरकारी और गैर-सरकारी लोगों का अड्डा बन गया.
महाविद्यालय के व्यवस्थापक अरुण मित्र शास्त्री के अनुसार, वर्ष 1925 में स्थापित इस गुरुकुल में करीब 200 विद्यार्थी रहकर चारों वेदों की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. पहले उनके पास अपना खेल का मैदान था, जहां वे खेती कर सब्जियां भी उगाते थे. लेकिन धीरे-धीरे कुछ लोगों की नजर इस कीमती जमीन पर पड़ गई और वह महाविद्यालय के अधिकार क्षेत्र से बाहर चली गई. आरोप है कि कीमती जमीन के साथ ही महाविद्यालय भवन पर भी कुछ लोगों की नजर है.
इसे भी पढ़ें- ‘भगवान के लुटेरे’ नहीं बचेंगे! राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में होगी निर्णायक सुनवाई, चंपत राय समेत तीन लोगों की होगी पेशी
एक वर्ष पूर्व देश के बड़े उद्योगपति अदानी इस महाविद्यालय में आए थे और उन्होंने यहां एक विशाल कक्ष का निर्माण भी कराया था. इस पूरे मामले का विद्यालय के छात्रों ने घोर विरोध किया है और मांग की है कि उनका खेल का मैदान उन्हें वापस लौटाया जाए. फिलहाल इस मामले में प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है. हालांकि, प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि इस भूमि की जांच की जा रही है और जल्द ही इसका मालिकाना हक तय किया जाएगा.

