मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. दसवें दीपोत्सव के अवसर पर शनिवार को रामनगरी अयोध्या में भगवान श्रीराम के आगमन का प्रसंग भव्य एवं दिव्य स्वरूप में साकार हुआ. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतीकात्मक रूप से राम रथ खींचकर भगवान श्रीराम का स्वागत किया. इसके बाद रामकथा पार्क में आयोजित भगवान श्रीराम के प्रतीकात्मक राज्याभिषेक समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सहभागिता की.
इसे भी पढ़ें- अखिलेश जी, सुना है अयोध्या जा रहे हैं? ओपी राजभर ने सपा सुप्रीमो पर कसा तंज, मथुरा और काशी को लेकर भी पूछा सवाल
मुख्यमंत्री ने रामकथा पार्क में लगाई गई विशेष प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया. प्रदर्शनी में वर्ष 1528 से लेकर अब तक अयोध्या की ऐतिहासिक यात्रा, शहर के विकास और समय के साथ उसके बदलते स्वरूप को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया. इसमें अयोध्या के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और विकासपरक बदलावों को प्रमुखता से दर्शाया गया. दोपहर में भगवान श्रीराम और माता सीता का स्वरूप धारण किए कलाकारों का हेलीकॉप्टर के माध्यम से रामकथा पार्क के समीप आगमन हुआ. इसके उपरांत भरत मिलाप का भावपूर्ण मंचन किया गया, जिसमें भगवान श्रीराम और भरत के पुनर्मिलन के प्रसंग को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया. इस प्रकार भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन से लेकर उनके राज्याभिषेक तक की संपूर्ण रामकथा को समारोह के माध्यम से सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया.
रामकथा पार्क में आयोजित समारोह के दौरान उपराष्ट्रपति ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भगवान श्रीराम एवं माता सीता की पूजा-अर्चना की तथा आरती उतारी. इसके उपरांत भगवान श्रीराम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक संपन्न हुआ. इस पावन अवसर पर पूज्य संतों का सम्मान भी किया गया. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने उपराष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर उनका अभिनंदन किया.
इसे भी पढ़ें- ‘जिनके लिए शहनाई नहीं बजी, उनसे और क्या उम्मीद करें?’ बिस्मिल्लाह खान के नाम पर भाजपा पर बरसे अखिलेश, किया ये वादा
इससे पूर्व सुबह साकेत महाविद्यालय से रामकथा पार्क तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई. शोभायात्रा में रामायण के विभिन्न प्रसंगों पर आधारित आकर्षक झांकियां और लोक कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं. झांकियों के माध्यम से रामायण के प्रसंगों को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया, वहीं लोक कलाकारों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उत्सव की भव्यता को और बढ़ाया. दीपोत्सव के अगले चरण में शनिवार शाम सरयू तट पर भव्य महाआरती और राम की पैड़ी पर विशाल स्तर पर दीप प्रज्ज्वलन का आयोजन किया जाएगा.

