लखनऊ. खाद की किल्लत, बढ़ती कीमतों और कालाबाजारी को लेकर चंद्रशेखर रावण आजाद ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के कुप्रबंधन और नाकामी ने खाद की किल्लत, बढ़ती कीमतों और कालाबाजारी के जरिए किसानों को संकट में डाल दिया है. एनपीके के दाम में प्रति बोरी 550 रुपये की बढ़ोतरी, 1,350 रुपये की डीएपी का 2,000 रुपये और 266.50 रुपये की यूरिया का 500 रुपये में बिकना किसानों पर पड़ रही आर्थिक मार को दर्शाता है. गेहूं, आलू और सरसों की बुआई के महत्वपूर्ण समय में किसान खाद के लिए भटक रहे हैं.
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आगे उन्होंने कहा कि वहीं, सहकारी समितियों के सचिव, अकाउंटेंट, चौकीदार और कंप्यूटर ऑपरेटर बकाया वेतन और मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर आठ दिनों से आंदोलन कर रहे हैं. लखनऊ के ईको गार्डन में धरना-प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों की मांगों का समाधान निकालने के बजाय उनके खिलाफ नोटिस और निलंबन की कार्रवाई की खबरें सामने आ रही हैं. हड़ताल का सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है और खाद वितरण बाधित हो रहा है.
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चंद्रशेकखर ने कहा कि यूपी सरकार कर्मचारियों के बकाया वेतन और मानदेय का तत्काल भुगतान करे और उनकी समस्याओं का समाधान निकाले. नोटिस और निलंबन की कार्रवाई के बजाय सार्थक बातचीत के जरिए हड़ताल समाप्त कराने का प्रयास किया जाए. साथ ही, सहकारी समितियों पर खाद वितरण तत्काल बहाल कराया जाए और कालाबाजारी और निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. किसानों को समय पर खाद और कर्मचारियों को उनका हक देना सरकार की जिम्मेदारी है. सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती.

