लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ के अमीनाबाद स्थित झंडेवाला पार्क में अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी के 91वें बलिदान दिवस पर उनकी पुण्य स्मृतियों को नमन करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की. मुख्यमंत्री ने कहा कि 23 अगस्त 1935 को ब्रिटिश हुकूमत को चुनौती देते हुए मात्र 25 वर्ष की आयु में गुलाब सिंह लोधी ने लखनऊ के अमीनाबाद पार्क (आज का झंडेवाला पार्क) में भारत के तिरंगे को फहराया था. इस साहसिक कार्य के दौरान कायर ब्रिटिश अधिकारियों ने उन पर गोलियां बरसा दीं, जिससे वे शहीद हो गए. उनके बलिदान के मात्र 12 वर्ष बाद ही देश आजाद हुआ.
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उन्नाव जिले के एक साधारण किसान परिवार में 1903 में जन्मे गुलाब सिंह लोधी ने देश की आजादी के आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और लखनऊ में अपना बलिदान दिया. मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी स्मृतियों को जीवंत रखने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्नाव में पार्क, स्वास्थ्य केंद्र और पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय का नामकरण उनके नाम पर किया है.
उन्होंने अन्य स्वतंत्रता सेनानियों और वीरांगनाओं का भी स्मरण किया. अलीगढ़ में स्टेडियम का नाम वीरांगना अवंतीबाई लोधी, बदायूं में पीएसी बटालियन का नाम अवंतीबाई लोधी, लखनऊ में महिला पीएसी बटालियन का नाम उदादेवी पासी, गोरखपुर में महिला पीएसी बटालियन का नाम झलकारीबाई कोरी और औरैया में मेडिकल कॉलेज का नाम लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर रखने का उल्लेख किया.
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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वाधीनता संग्राम सेनानियों और अमर बलिदानियों की स्मृतियों को जीवंत रखने के लिए स्मारक निर्माण कार्यक्रम को निरंतर आगे बढ़ाएगी. हाल ही में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर, सद्गुरु रविदास, महर्षि वाल्मीकि सहित सामाजिक न्याय के योद्धाओं की मूर्तियों पर छाजन लगाने, पार्कों के नवनिर्माण और सुरक्षा के लिए लगभग 500 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है.

