लखनऊ. महिला आरक्षण को लेकर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने तमाम विपक्षी दलों और अखिलेश यादव पर निशाना साधा है. केशव मौर्य ने कहा, यह सोलह आने सच है कि महिला आरक्षण का विरोध करने वाले दलों का राजनीतिक भविष्य अंधकारमय है. यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश की बागडोर संभालने के बाद न केवल नारी का सम्मान बढ़ा है, बल्कि वह अपने अधिकारों के साथ निरंतर विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रही है.

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आगे केशव मौर्य ने कहा, महिला आरक्षण का विरोध और मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति करने वालों की सच्चाई अब जनता समझ चुकी है. इसमें अव्वल सपा बहादुर अखिलेश यादव हैं. लोकसभा में महिला आरक्षण में पिछड़ी वर्ग की महिलाओं के साथ मुस्लिम महिलाओं को जोड़ने की मांग करना उनकी ‘वोट बैंक’ की घटिया राजनीति है. सपा बहादुर अगर वाकई पिछड़ा वर्ग के हितैषी होते, तो वे संसद में OBC-EBC के लिए 27 फीसदी आरक्षण की मांग करते. तब इसका सीधा मतलब सैफई खानदान की राजनीति का अंत होना होता.

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आगे केशव मौर्य ने ये भी कहा कि अखिलेश यादव बेहतर तरीके से जानते हैं कि लोकसभा में 27 फीसदी पिछड़ा वर्ग व अति पिछड़ा वर्ग आरक्षण लागू होने से केवल उत्तर प्रदेश में ही उनकी टक्कर के सैकड़ों नए नेताओं की नर्सरी तैयार हो जाएगी. इससे उनकी अपनी ‘परिवारवादी’ राजनीति पर ग्रहण लग जाएगा. सपा-कांग्रेस-राजद-टीएमसी-वामपंथ सब धोखा हैं. भाजपा है, तो भरोसा है. मोदी जी हैं, तो सब चोखा है.