लखनऊ. ओपी राजभर का ने इंडिया गठबंधन की बैठक में अखिलेश यादव के शामिल न होने पर राहुल गांधी से सवाल करते हुए करारा तंज कसा है. उन्होंने कहा कि मित्र राहुल गांधी जी, कल आपने इंडी गठबंधन की बैठक की, ज़रा अपने दोस्त अखिलेश यादव जी से पूछियेगा कि वो ऐसा कौन सा काम कर रहे थे कि बैठक में आ ना सके. राज्यसभा का नामांकन 6 अक्टूबर तक होना है, कल ही नामांकन करने की कौन सी जल्दी थी? चलिए मान लिया कि कल नामांकन नहीं होता तो अखिलेश जी के लिए पहाड़ टूट जाता, लेकिन उनसे पूछियेगा कि अगर ख़ुद नहीं गए तो डिंपल जी या धर्मेंद्र जी को क्यों नहीं भेजे? ये लोग नामांकन में भी नहीं थे.

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चलिए मान लिया कि कल नामांकन बहुत ज़रूरी था, ये भी मान लिया कि डिंपल और धर्मेंद्र जी भी बहुत ज़्यादा बिज़ी थे. ऐसे में अखिलेश जी ऑनलाइन भी तो जुड़ सकते थे, जैसे कई नेता जुड़े थे. जब आप दिल्ली में बैठक कर रहे थे, तब अखिलेश जी एसी में बैठक पीसी करके ठहाके लगा रहे थे.

अब रही बात ज्ञानेश कुमार की, जिनके नाम पर कल आप लोग इकट्ठा हुए थे. महाराज, ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त बने फरवरी 2025 में और बीजेपी के इतिहास देख लीजिए कि उनके पहले से कितने चुनाव जीते. आपके गुर्गे अभिजीत दीपके कह रहे हैं कि ज्ञानेश कुमार ने बीजेपी को हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली जिता दिया. उनको बताइएगा कि इन तीनों राज्यों में चुनाव ज्ञानेश कुमार के सीईसी बनने से पहले हो चुका था. 2014, 2019 और 2024 में बीजेपी जीती, तब भी ज्ञानेश कुमार सीईसी नहीं बने थे.

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इसलिए अपनी ऊर्जा ज्ञानेश कुमार पर बर्बाद करने की जगह जनता के बीच जाइए. उनके बीच जाएंगे, तभी कुछ संभावना जीत की बनेगी. वरना आरोप आरोप खेलते रहिए, आपस में लड़ते रहिए और विपक्ष में बैठे रहने के अलावा कुछ हासिल नहीं होगा.