उत्तर प्रदेश में आगामी त्योहारों के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए पावर कारपोरेशन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. अधिकारियों को फीडरवार निगरानी, वैकल्पिक बिजली व्यवस्था और रोजाना समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं.

लखनऊ. मंगलवार को उत्तर प्रदेश की विद्युत आपूर्ति को लेकर समीक्षा बैठक हुई. प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के चेयरमैन रणवीर प्रसाद ने अधिकारियों को आगामी त्योहारों के दौरान निर्धारित शेड्यूल के अनुसार निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अभी से प्रभावी तैयारी करने के निर्देश दिए.

अगले माह कई प्रमुख त्योहार हैं, जिनमें दीपावली भी शामिल है. त्योहारों के दौरान घरों में सजावट के कारण बिजली की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए पावर कारपोरेशन ने आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया है.

वैकल्पिक व्यवस्था पर जोर

रणवीर प्रसाद ने निर्देश दिए कि बिजली उपलब्ध कराने के लिए जहां से भी आवश्यक व्यवस्था संभव हो, उसका इस्तेमाल किया जाए. उन्होंने भविष्य में कोयले की कमी के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति से निपटने के लिए बेहतर वैकल्पिक योजना तैयार करने को कहा.

उन्होंने नगरीय, तहसील और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की स्थिति की जानकारी ली. इसके साथ ही फीडर मीटरों के आंकड़ों और विद्युत वितरण व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मानकों की भी समीक्षा की गई.

हर फीडर की निगरानी

अध्यक्ष ने फीडरवार बिजली आपूर्ति की निगरानी करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि फीडर स्तर के आंकड़ों का नियमित विश्लेषण किया जाए और जहां भी कमियां सामने आएं, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं.

अधिक लाइन हानि वाले फीडरों और क्षेत्रों के लिए अलग से फीडरवार कार्ययोजना बनाकर नियमित कार्रवाई करने को कहा गया. वितरण निगमों के कामकाज की भी समीक्षा करते हुए आगामी त्योहारों के मद्देनजर समय रहते प्रभावी योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए.

हर दो घंटे रिपोर्ट

डिस्कॉम स्तर पर सभी प्रबंध निदेशकों को रोजाना विद्युत आपूर्ति की समीक्षा करने और इसकी विस्तृत रिपोर्ट लखनऊ भेजने के निर्देश दिए गए. रिपोर्ट में जिलेवार फीडर की जानकारी के साथ ब्रेकडाउन और रोस्टिंग का विवरण भी शामिल करने को कहा गया.

कंट्रोल रूम में हर दो घंटे पर फीडरवार रिपोर्ट मंगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर किसी भी फीडर की स्थिति की जानकारी तत्काल उपलब्ध हो सके.

व्यवस्था सुधारने पर समीक्षा

शक्ति भवन में हुई बैठक के दौरान विद्युत आपूर्ति के अलावा व्यवस्थागत ढांचे को मजबूत करने, बिल वितरण, बिल वसूली, बिजली चोरी रोकने, विद्युत दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और विद्युत कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने जैसे विषयों की भी समीक्षा की गई.

अधिकारियों को इंडीपेन्डेन्ट फीडर के उपभोक्ताओं से नियमित संपर्क कर बिजली आपूर्ति का फीडबैक लेने और व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए.

बिजनेस प्लान पर जोर

अध्यक्ष ने बिजनेस प्लान के तहत चल रहे कार्यों को समय पर पूरा कराने के लिए भी सख्त निर्देश दिए. उन्होंने लखनऊ समेत प्रदेश के उन क्षेत्रों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने को कहा, जहां बिजली आपूर्ति को लेकर बार-बार समस्या सामने आ रही है.

शक्ति भवन में हुई बैठक में प्रबंध निदेशक नितीश कुमार के अलावा उत्पादन निगम, एसएलडीसी और कारपोरेशन के निदेशक समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे.