लखनऊ. यूपी में लगातार बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. बरेली, प्रयागराज और गोरखपुर समेत कई जिलों में धान की तैयार फसल खेतों में गिर गई या पानी में डूब गई. मक्का और अरहर की फसलें भी जलभराव की चपेट में हैं. कटाई के करीब पहुंची फसल खराब होने से किसानों के सामने लागत निकालने और परिवार के लिए अनाज जुटाने की चिंता बढ़ गई है.

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बरेली में 15 बीघा धान की फसल पानी में डूबी

बरेली के तमाम गावों में कई बीघा धान की फसल पानी में दब गई है. खेत में करीब एक फीट पानी भरने से फसल दिखाई तक नहीं दे रही. किसान धीरेंद्र ने बताया कि उनकी 6-7 एकड़ धान की फसल भी खराब हो गई है. फरीदपुर, मीरगंज, बहेड़ी, नवाबगंज और आंवला में कई खेत जलमग्न हैं. दाना बनने और पकने की अवस्था में पहुंची फसल के दाने काले पड़ने या सड़ने का खतरा है.

प्रयागराज में 20% फसल प्रभावित होने का अनुमान

प्रयागराज के गंगापार और यमुनापार क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं से धान की फसल को नुकसान हुआ है. कृषि वैज्ञानिक डॉ. जीएस चौहान के अनुसार, करीब 20% फसल प्रभावित होने का अनुमान है. सोरांव, होलागढ़, नवाबगंज और फूलपुर में नुकसान ज्यादा बताया जा रहा है. किसान रंजीत पटेल की डेढ़ बीघा फसल गिर गई. उन्होंने कहा कि अब 15-20 पौधों को बांधकर खड़ा करने की कोशिश करेंगे, ताकि कुछ अनाज बचाया जा सके.

गोरखपुर में कर्ज लेकर खेती, फसल खेत में बिछी

गोरखपुर के कैंपियरगंज क्षेत्र में रामकेवल प्रजापति की एक एकड़ धान की फसल कटाई के समय गिर गई. पानी भरने से दाने सड़ने लगे हैं. किसान मृत्युंजय सिंह ने बताया कि उन्होंने कटाई के लिए KCC से कर्ज लिया था, लेकिन पूरी फसल पानी में डूब गई. बांसगांव में भी कई खेतों में फसल गिर गई है. किसानों का कहना है कि चार महीने की मेहनत और लागत के बाद अब फसल बचाना मुश्किल हो रहा है.

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देवरिया में किसान बोले- अब फसल बांधकर बचानी पड़ेगी

देवरिया के किसान अजय यादव ने बताया कि लगातार बारिश और तेज हवा के कारण फसलों को नुकसान पहुंच रहा है. अब खेतों में गिरी फसल को बांधकर खड़ा करना पड़ेगा, ताकि जितना संभव हो सके उतना अनाज बचाया जा सके. किसानों ने प्रशासन से फसल नुकसान का सर्वे कराकर उचित सहायता देने की मांग की है. जलभराव और बिजली की समस्या ने भी ग्रामीण इलाकों में परेशानी बढ़ा दी है.