उत्तर प्रदेश में 1,27,841 शिक्षामित्रों के सितंबर और अक्तूबर के मानदेय भुगतान के लिए 460.23 करोड़ रुपये की लिमिट जारी की गई है. सरकार ने शिक्षामित्रों के मानदेय में 8 हजार रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की है, जिसके बाद बढ़ी दर से भुगतान का रास्ता साफ हो गया है.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों के बढ़े हुए मानदेय के भुगतान का रास्ता साफ हो गया है. समग्र शिक्षा के तहत प्रदेश में कार्यरत 1,27,841 शिक्षामित्रों के सितंबर और अक्तूबर के मानदेय के लिए 460.23 करोड़ रुपये की लिमिट जारी की गई है.

जिलों के लिए दोनों महीनों के मानदेय भुगतान की धनराशि निर्धारित की गई है. महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को नियमानुसार मानदेय जारी करने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं.

8 हजार रुपये की वृद्धि

प्रदेश सरकार ने समग्र शिक्षा के अंतर्गत शिक्षामित्रों के मानदेय में 8 हजार रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की है. इससे उनका मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़कर 18 हजार रुपये प्रतिमाह हो गया है, जो करीब 80 प्रतिशत की वृद्धि है.

बढ़ी हुई दर से मानदेय मिलने पर शिक्षामित्रों को अतिरिक्त आर्थिक संबल मिलने की उम्मीद है. सरकार की ओर से कहा गया है कि मानदेय में वृद्धि से शिक्षामित्र अधिक उत्साह और प्रतिबद्धता के साथ विद्यालयों में अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे.

सितंबर का भुगतान अटका था

मानदेय भुगतान की व्यवस्था में बदलाव के कारण शिक्षामित्रों को सितंबर का मानदेय अब तक जारी नहीं किया जा सका था. जिलावार लिमिट जारी होने के बाद लंबित भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है.

अब संबंधित जिलों में निर्धारित धनराशि के आधार पर नियमों के अनुसार शिक्षामित्रों के मानदेय भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.