उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती से जुड़ी अर्हता विसंगतियों को दूर करने के लिए मंगलवार को लखनऊ में शासन और भर्ती आयोग के अधिकारियों की बैठक होगी। बैठक में 2647 एडेड माध्यमिक प्रधानाचार्य-प्रधानाध्यापक और 2107 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों के अधियाचन समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी।
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में एडेड माध्यमिक विद्यालयों, महाविद्यालयों और बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया को गति देने की तैयारी है। अर्हता से जुड़ी विसंगतियों के कारण लौटाए गए अधियाचन और अन्य संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए शासन ने मंगलवार को लखनऊ में बैठक बुलाई है।
बैठक में बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अधिकारी शामिल होंगे। सरकार का उद्देश्य अर्हता संबंधी खामियों को दूर कर शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू करना है।
अर्हता पर बनी है अड़चन
शिक्षक भर्ती के लिए संबंधित शिक्षण संस्थानों की ओर से शिक्षा सेवा चयन आयोग को रिक्तियों का विवरण ऑनलाइन भेजा जा रहा है। हालांकि, कुछ पदों की अर्हता को लेकर स्पष्टता नहीं होने के कारण आयोग ने अधियाचन वापस कर दिए हैं और विसंगतियां दूर करने के बाद उन्हें दोबारा भेजने को कहा है।
शासन का मानना है कि रिक्त पदों का विवरण भेजने वाले अधिकारियों और चयन प्रक्रिया संचालित करने वाले आयोग के अधिकारियों के एक साथ बैठने से अर्हता से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हो सकेगी। बैठक में इनके समाधान की रूपरेखा तैयार करने का भी प्रयास किया जाएगा।
2647 पदों का अधियाचन लौटा
एडेड माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक के 2647 पदों के लिए अर्हता स्पष्ट नहीं होने के कारण आयोग ने अधियाचन वापस किए हैं। वहीं, बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों और एडेड माध्यमिक विद्यालयों से संबद्ध प्राइमरी विद्यालयों में भी शिक्षकों की भर्ती होनी है।
इन दोनों प्रकार के विद्यालयों के अधियाचन में अर्हता को लेकर अंतर सामने आया है। इसी विसंगति के चलते भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने में परेशानी आ रही है।
असिस्टेंट प्रोफेसर पद भी शामिल
महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 2107 पदों का अधियाचन भी अर्हता संबंधी विसंगति के कारण वापस किया गया है। बैठक में इन मामलों के अलावा शिक्षा से जुड़े कुछ अन्य मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा।
शासन की कोशिश है कि संबंधित समस्याओं का समाधान कर भर्ती से जुड़े काम में तेजी लाई जाए, जिससे रिक्त पदों पर चयन प्रक्रिया आगे बढ़ सके।


