उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग फरवरी तक करीब 25 से 30 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी में है. आयोग फर्जी डिग्रियों पर रोक लगाने के लिए डिजिलॉकर से प्रमाणपत्रों का सत्यापन करेगा और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की तिथियां भी घोषित की गई हैं.
लखनऊ. उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग फरवरी तक करीब 25 से 30 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी कर रहा है. आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने सोमवार को दैनिक जागरण के राज्य स्तरीय विमर्श में वर्चुअल माध्यम से शामिल होकर लंबित भर्तियों, आगामी परीक्षाओं और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की पहचान के लिए डिजिलॉकर के माध्यम से भी डिग्रियों का सत्यापन किया जाएगा.
लंबित भर्तियों में तेजी
डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि चयन प्रक्रिया में मेरिट को प्राथमिकता दी जा रही है और किसी भी तरह का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने अभ्यर्थियों से अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय अपनी तैयारी और योग्यता पर भरोसा रखने की अपील की.
पिछले वर्ष 19 दिसंबर को पदभार संभालने के बाद आयोग के सामने लंबित भर्ती परीक्षाओं को पूरा कराने और अभ्यर्थियों का विश्वास बहाल करने की चुनौती थी. वर्ष 2022 से असिस्टेंट प्रोफेसर, पीजीटी और टीजीटी समेत कई भर्तियां लंबित थीं. शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) भी लंबे समय से आयोजित नहीं हुई थी. इसके अलावा एक परीक्षा में पेपर लीक को लेकर विवाद सामने आया था.
अध्यक्ष के मुताबिक, आयोग ने पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था बनाने के लिए तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया. इसी क्रम में 10 महीने के भीतर लंबित परीक्षाएं आयोजित कराई गईं. डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आया है.
अन्य तीन भर्तियों के परिणाम घोषित करने के साथ नियुक्ति पत्र भी वितरित किए जा चुके हैं. चार साल बाद आयोजित टीईटी में 19 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 13 लाख उत्तीर्ण हुए.
फरवरी तक हजारों पदों पर भर्ती
आयोग की योजना के तहत फरवरी तक करीब 25 से 30 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य है. इसमें डायट प्राचार्य के 111 पद, असिस्टेंट प्रोफेसर के करीब 2,000 पद, प्राथमिक शिक्षकों के लगभग 12,000 पद और पीजीटी के करीब 2,500 पद शामिल हैं.
इसके अतिरिक्त प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापकों के लगभग 2,500 पदों पर भी भर्ती प्रस्तावित है. वहीं, टीजीटी के करीब 14 से 15 हजार पदों के लिए अधियाचन आने वाला है.
परीक्षाओं की तारीखें घोषित
आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि संबंधित विभागों से रिक्त पदों का अधियाचन मिलने के बाद ही भर्ती परीक्षा आयोजित की जाती है. माध्यमिक शिक्षा विभाग से प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक के पदों का अधियाचन अभी लंबित है. इन पदों की परीक्षा तिथि जल्द निर्धारित की जाएगी. अन्य जिन पदों के लिए अधियाचन मिल चुके हैं, उनकी परीक्षाओं की तारीखें घोषित की जा चुकी हैं.
उच्च शिक्षा में प्राचार्य पदों के लिए लिखित परीक्षा 24 सितंबर को आयोजित की गई थी. इसका परिणाम घोषित हो चुका है, जबकि साक्षात्कार 27, 28, 30 और 31 अक्टूबर को प्रस्तावित हैं. इस भर्ती का अंतिम परिणाम नवंबर में आने की उम्मीद है.
पहले से कार्यरत शिक्षकों के लिए पहली बार विशेष टीईटी का आयोजन 3 नवंबर को किया जाएगा. डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की लिखित परीक्षा 19 और 20 नवंबर को प्रस्तावित है.
नगरीय क्षेत्र के प्राथमिक शिक्षकों और माध्यमिक विद्यालयों में संबद्ध प्राथमिक शिक्षकों के चयन के लिए परीक्षा 3 और 4 दिसंबर को आयोजित होगी. वहीं, पीजीटी यानी प्रवक्ता भर्ती परीक्षा 15 और 16 दिसंबर को संभावित है.

