लखनऊ. उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने लगा है. ठंड ने दस्तक दे दी है. बीते 24 घंटे में तापमान में करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई. सुबह और शाम ठिठुरन बढ़ गई है. बुधवार सुबह लखनऊ, वाराणसी, मुरादाबाद, बिजनौर और हापुड़ समेत 10 से अधिक जिलों में कोहरा छाया रहा. मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में पूर्वांचल के कुछ जिलों में बारिश की संभावना जताई है.

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5 नवंबर को पूर्वी यूपी में बारिश के आसार

BHU के मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी से उठे तूफान ‘मुरासु’ का यूपी पर सीधा असर होने की संभावना नहीं है. हालांकि, 5 नवंबर को पूर्वी यूपी के कुछ हिस्सों में बादल छा सकते हैं और हल्की बारिश हो सकती है. धूप कमजोर रहने से दिन में भी ठंड महसूस होगी.

गेहूं, सरसों और आलू की फसल पर रखें नजर

बदलते मौसम में किसानों को फसलों की देखभाल करने की सलाह दी गई है. गेहूं की शुरुआती बढ़वार के लिए खेत में पर्याप्त नमी रखें, लेकिन जलभराव न होने दें. सरसों में सफेद रतुआ और फफूंद वाले रोगों का खतरा बढ़ सकता है. आलू में झुलसा रोग के लक्षणों पर नजर रखें. मटर और चने के खेतों में जल निकासी की व्यवस्था जरूरी है.

योगी ने अधिकारियों को दिए मुआवजे के निर्देश

अतिवृष्टि और तूफान से फसलों को हुए नुकसान पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं. सभी जिलाधिकारियों से खेतों में जाकर फसल क्षति का आकलन कराने को कहा गया है. मुख्यमंत्री ने नुकसान झेलने वाले किसानों को तत्काल मुआवजा देने के निर्देश दिए. गोरखपुर में उन्होंने किसानों के लिए विशेष पैकेज लाने की बात भी कही.

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अक्टूबर में औसत से 14 फीसदी ज्यादा बारिश

नवंबर में बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को रबी फसलों की बुवाई और सिंचाई में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. जिन खेतों में पर्याप्त नमी है, वहां अनावश्यक सिंचाई न करें. निचले खेतों में जलभराव से बचाव करें. मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर में यूपी में 32.1 मिमी बारिश हुई, जबकि औसत 28.2 मिमी था. इस तरह सामान्य से 14 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई.