शिखिल ब्यौहार, भोपाल। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। अपनी सनातन हिंदू एकता रथयात्रा के दौरान उन्होंने नवरात्रि और गरबा को लेकर बयान दिया है। शास्त्री ने कहा, ‘बेटियों… तुम दुर्गा बनना, काली बनना, लेकिन कभी ना बुर्के वाली बनना। नवरात्र का पर्व चल रहा है। गरबा में धर्म विरोधी नाम बदलकर आएंगे, इसलिए गरबा पंडाल में बाहरी लोगों को गोमूत्र पिलाकर एंट्री दी जानी चाहिए। कम से कम उनकी घर वापसी तो हो जाएगी।’ यह बयान उन्होंने 13 अक्टूबर की रात सागर जिले के गढ़ा कोटा में दिया। 

दरअसल, पंडित धीरेंद्र शास्त्री 11 अक्टूबर से सनातन हिंदू एकता रथयात्रा निकाल रहे हैं, जो गढ़ा कोटा बस स्टैंड पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंची थी। यहां मंच से उन्होंने भक्तों को संकल्प दिलाते हुए नवरात्रि और गरबा का जिक्र किया। मामले पर आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव ने कहा कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को पहले खुद गौमूत्र का पान करना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बीजेपी की टीम B का एक हिस्सा है। जो लगातार सनातन के नाम पर राजनीतिक लाभ के लिए बयान देते हैं। मामले पर कांग्रेस वरिष्ठ नेता मानक अग्रवाल ने भी धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के बयान पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री सिर्फ और सिर्फ सांप्रदायिकता के लिए बयान बाजी करते हैं। 

उन्होंने कहा कि यह संत नहीं है बल्कि पोलिटिकल एजेंट हैं। ऐसे बयानों से देश प्रदेश का सांप्रदायिक सौहार्द खराब होता है। उन्होंने सरकार से तत्काल ऐसे बयान को लेकर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की मांग की। 

शास्त्री के बयान पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता कल्पेश ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस हो या उनके सहयोगी दल हमेशा से ही सनातन की मजबूत ध्वज को देखते हुए प्रतिकार करते हैं। किसी संत का यह व्यक्तिगत विचार हो सकता है। संत की वाणी पर कभी भी राजनीति करना उचित नहीं है। साथी कल्पेश ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में जो मामले सामने आ रहे हैं उस पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की एक चिंता एक सुझाव सामने आया है। ऐसे में विपक्षी दलों का पेट में दर्द क्यों हो रहा है यह समझ से परे है।

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