भुवनेश्वर। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 (MMDR Amendment Act, 2026) को लेकर सोमवार को ओडिशा की राजनीति में भारी भूचाल आ गया। एक तरफ जहां भारी हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही ठप रही, वहीं दूसरी तरफ सड़कों पर बीजू जनता दल ने विशाल विरोध रैली निकालकर केंद्र और राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला।
सोमवार को विधानसभा में शून्यकाल के दौरान विपक्ष ने विवादित खनन कानून का जोरदार विरोध किया। बीजेडी और कांग्रेस विधायकों के हंगामे तथा नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 4 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
सदन के बाहर विरोध तेज करते हुए बीजेडी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक के नेतृत्व में हजारों पार्टी कार्यकर्ता भुवनेश्वर के गांधी मार्ग पर एकत्र हुए।
समर्थकों को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि यह नया कानून ओडिशा के प्राकृतिक संसाधनों और खनिज संपदा पर राज्य के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा, “यह केवल एक राजनीतिक विरोध नहीं है, बल्कि ओडिशा के 4.5 करोड़ लोगों के अधिकारों और भावी पीढ़ियों के भविष्य की लड़ाई है।”
पटनायक ने आरोप लगाया कि संसद में बिना पर्याप्त चर्चा के यह विधेयक पारित करा लिया गया। उन्होंने ओडिशा के भाजपा सांसदों और राज्य सरकार की चुप्पी पर गंभीर सवाल उठाए।
नवीन पटनायक ने दावा किया कि इस कानून के लागू होने से ओडिशा को सालाना हजारों करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि इस विवादास्पद कानून के विरोध में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने के लिए उनके द्वारा लिखे गए पत्रों पर सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया। भावुक संबोधन में पटनायक ने कहा कि ओडिशा के हितों से बड़ा कोई राजनीतिक दल या पद नहीं हो सकता। उन्होंने संकल्प लिया कि वे “अपनी आखिरी सांस तक” ओडिशा के संसाधनों की रक्षा के लिए लड़ेंगे। उन्होंने सभी दलों और नागरिकों से एकजुट होकर इसका विरोध करने का आह्वान किया।
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